बंगाल की जनता ममता बनर्जी को चुनाव में हरा देगी: रामकृपाल यादव
सारांश
Key Takeaways
- रामकृपाल यादव का ममता बनर्जी पर कड़ा प्रहार।
- जनता का वोट ममता को सत्ता से बाहर करेगा।
- ईडी की कार्रवाई में ममता का हस्तक्षेप।
- भारत सरकार की मिडिल ईस्ट में स्थिति पर चर्चा।
- पीएम मोदी पर जनता का भरोसा।
पटना, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय बंगाल की जनता अपने मत का प्रयोग कर ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर कर देगी।
मीडिया से बातचीत में मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि ममता बनर्जी ने कई ऐसे कार्य किए हैं, जिनके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। सबसे पहले, जनता उन्हें अपने वोट से सत्ता से बाहर करेगी, क्योंकि उन्होंने भ्रष्टाचार, अत्याचार और कानून तथा संविधान की अवहेलना की है। जनता उन्हें इसका सबक सिखाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि क्या आपने नहीं देखा कि ईडी की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करने का प्रयास किया? उन्होंने कार्रवाई को बाधित करने की पूरी कोशिश की।
रामकृपाल यादव ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी ने आईपैक पर ईडी की कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों और सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया। क्या कोई मुख्यमंत्री ऐसा कर सकता है? मुझे लगता है कि उनकी दुर्गति होने वाली है, और उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच भारत सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक पर रामकृपाल यादव ने कहा कि पूरी दुनिया संकट में है। पीएम मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा में भारत की तैयारियों के बारे में देश को जानकारी दी है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को लेकर देश और बिहार में असर पड़ रहा है, और यह चिंता हमारे प्रधानमंत्री को भी है। मुझे विश्वास है कि वे सभी को एक साथ लाकर इस समस्या का समाधान करेंगे। अमेरिका के साथ भी बातचीत चल रही है। देश को पीएम मोदी पर भरोसा है कि वे इस समस्या का समाधान निकालेंगे।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी को लेकर दिए गए बयान पर रामकृपाल यादव ने कहा कि भारत कभी न झुका है और न झुकेगा। हमारे पीएम स्वाभिमानी हैं और देश भी स्वाभिमानी है। हम स्वाभिमान को कभी नहीं बेचते। हमारी विदेश नीति स्पष्ट है। लेकिन, राहुल गांधी चिंतित हैं क्योंकि उन्हें कोई पूछ नहीं रहा है, इसलिए वे आरोप लगाते हैं। उनकी बातें कोई नहीं सुनता है।