रामगोपाल यादव ने चुनाव आयोग के तबादलों पर गंभीर सवाल उठाए, कहा- यह अधिकार क्षेत्र से बाहर है
सारांश
Key Takeaways
- रामगोपाल यादव ने ममता बनर्जी के बयान का समर्थन किया।
- चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
- ममता बनर्जी को हराना संभव नहीं होगा, ऐसा विश्वास जताया।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता और सांसद रामगोपाल यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान को समर्थन दिया, जिसमें उन्होंने अपनी जान के खतरे का जिक्र किया था।
रामगोपाल यादव ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि ममता बनर्जी की बातें सच्चाई से भरी हैं और वर्तमान हालात गंभीर हैं।
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि जिस प्रकार मतदान अधिकारियों, स्टेशन प्रभारियों और अन्य चुनावी कर्मियों का बड़े पैमाने पर तबादला किया जा रहा है, वह सामान्य प्रक्रिया नहीं है। उनके अनुसार, यह सब चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र से बाहर है, फिर भी ऐसा हो रहा है, जो निष्पक्ष चुनाव पर संदेह उत्पन्न करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इन सभी परिस्थितियों के बावजूद ममता बनर्जी को हराना संभव नहीं होगा। उनका विश्वास है कि पश्चिम बंगाल की जनता एक बार फिर ममता बनर्जी को भारी बहुमत से वापस सत्ता में लाएगी।
रामगोपाल यादव ने दावा किया कि ममता बनर्जी दो-तिहाई बहुमत से जीत हासिल करेंगी और सरकार बनाएंगी। पश्चिम बंगाल की जनता जानती है कि कौन सी पार्टी उनके लिए काम कर रही है। एनडीए सरकार द्वारा देश की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है कि इनका काम केवल जनता को गुमराह करना है।
इसके अलावा, रामगोपाल यादव ने देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है और यह राजशाही की ओर बढ़ रहा है, जहां सत्ता में बैठे व्यक्ति को जवाबदेह नहीं माना जाता। देश की स्थिति चिंताजनक है और सरकार जनता के हित में कोई कार्य नहीं कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर चर्चा करते हुए, रामगोपाल यादव ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि 2026 तक ट्रंप राजनीति में सक्रिय नहीं रहेंगे और उन्हें हटा दिया जाएगा।