जदयू नेता हरि नारायण सिंह ने ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार किया, निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी बताई
सारांश
Key Takeaways
- हरि नारायण सिंह ने ममता बनर्जी पर चुनावी हिंसा के आरोप लगाए।
- निर्वाचन आयोग की भूमिका पर चर्चा की गई।
- योगी आदित्यनाथ के 'रामराज्य' बयान का समर्थन किया।
पटना, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जदयू नेता हरि नारायण सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि ममता बनर्जी के शासनकाल में मतदाताओं को रोकने और पीटने की घटनाएँ होती हैं। इस कारण से, चुनावों का सही ढंग से होना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है।
पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के ट्रांसफर पर ममता बनर्जी द्वारा उठाए गए सवालों पर हरि नारायण सिंह ने कहा, "ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। उनके शासन में चुनाव कैसे हुए, यह सबने देखा है। मेरा मानना है कि पश्चिम बंगाल का चुनाव बाकी देश से पूरी तरह भिन्न है। वहां का शासन इस तरह का है कि चुनाव के समय मतदाताओं को बाधित किया जाता है और हिंसा होती है। पुलिस की मदद से लोगों को उनके घरों में पीटा जाता है। इसलिए, चुनाव का सही तरीके से होना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है।"
उन्होंने आगे कहा, "किसी भी राज्य में आचार संहिता लागू होने पर ट्रांसफर और पोस्टिंग के अधिकार चुनाव आयोग के पास होते हैं। यह कोई नई बात नहीं है। यह नियम है और इसी नियम के तहत आयोग ने बंगाल में अधिकारियों के ट्रांसफर किए। अगर आयोग को लगता है कि किसी अधिकारी के नेतृत्व में चुनाव उचित तरीके से नहीं होंगे, तो वह ट्रांसफर करता है। यह सिर्फ पश्चिम बंगाल में नहीं होता, बल्कि अन्य राज्यों में भी होता है।"
सीएम योगी आदित्यनाथ के 'रामराज्य' वाले बयान पर जदयू नेता ने कहा, "यह बिल्कुल सही है। अभी 10 से 15 दिन युद्ध की चपेट में हैं। वहां कई प्रकार के संकट उत्पन्न हो चुके हैं। भारत सरकार की सफलता और दूरदृष्टि के कारण आज देश में रामराज्य है। देश में किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं है।"
कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान पर हरि नारायण सिंह ने कहा, "शशि थरूर का यह कहना कि संसद या विधानसभा जनता और देश के मुद्दों पर चर्चा और बहस का स्थान है, न की हंगामा करने की जगह, मुझे सही लगता है। कभी-कभी सदन में हंगामा होता है, लेकिन वर्तमान में ऐसा देखा जा रहा है कि सदन का समय हंगामे में ही जा रहा है।"
राज्यसभा चुनाव के बाद राजद और कांग्रेस के बीच घमासान पर जदयू नेता ने कहा कि यह महागठबंधन के अंदर की बात है। इस विषय पर वे खुद जवाब दे सकते हैं। मेरा मानना है कि प्रजातंत्र में हर कोई अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है।