28 जून 2026
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ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार 'लोकतंत्र और संविधान विरोधी': BJP सांसद मनोज तिवारी का तीखा हमला

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ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार 'लोकतंत्र और संविधान विरोधी': BJP सांसद मनोज तिवारी का तीखा हमला

सारांश

BJP सांसद मनोज तिवारी ने ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद इस्तीफा न देना संविधान और लोकतंत्र की अवहेलना है। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा और सनातन धर्म पर बयानबाज़ी को भी निशाने पर लिया।

मुख्य बातें

BJP सांसद मनोज तिवारी ने 6 मई 2026 को ममता बनर्जी पर इस्तीफा न देने को लेकर तीखा हमला बोला।
तिवारी ने कहा कि संविधान गरिमापूर्ण सत्ता हस्तांतरण का मार्ग प्रदान करता है, जिसे ममता नज़रअंदाज़ कर रही हैं।
पश्चिम बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं पर तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक हिंसा का इतिहास होने का आरोप लगाया।
तिवारी ने अभिषेक बनर्जी और ममता के रवैये को 'नाटक' करार दिया और कहा कि लोकतंत्र किसी के नाटक पर निर्भर नहीं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राज्य में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
तिवारी ने CM योगी आदित्यनाथ के सनातन धर्म संबंधी बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बंगाल और तमिलनाडु इसका उदाहरण हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनोज तिवारी ने बुधवार, 6 मई 2026 को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद इस्तीफा देने से इनकार करना लोकतांत्रिक सिद्धांतों और संवैधानिक मानदंडों की खुली अवहेलना है। समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में तिवारी ने कहा कि संविधान सत्ता हस्तांतरण का स्पष्ट और गरिमापूर्ण मार्ग प्रदान करता है, और इस मार्ग को नज़रअंदाज़ करना ममता की नकारात्मक मानसिकता को उजागर करता है।

संवैधानिक प्रावधान पर तिवारी का तर्क

मनोज तिवारी ने स्पष्ट किया कि संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो किसी मुख्यमंत्री को राजनीतिक वैधता खोने के बाद भी पद पर बने रहने के लिए बाध्य करे। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि BJP की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जो पश्चिम बंगाल में TMC की संवैधानिक वैधता को कटघरे में खड़ा करना चाहती है। ममता बनर्जी का इस्तीफा न देना तकनीकी रूप से असंवैधानिक नहीं है, लेकिन राजनीतिक नैतिकता की दृष्टि से यह बहस का विषय बना हुआ है। गौरतलब है कि सनातन धर्म के मुद्दे को चुनावी नतीजों से जोड़ना BJP की उस कथा को मज़बूत करने की कोशिश है जो धार्मिक पहचान को मतदान व्यवहार से सीधे जोड़ती है — एक ऐसी व्याख्या जिसे विशेषज्ञ अक्सर अतिसरलीकृत मानते हैं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज तिवारी ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी का चुनाव हारने के बाद इस्तीफा न देना लोकतांत्रिक सिद्धांतों और संवैधानिक मानदंडों की अवहेलना है। उन्होंने कहा कि संविधान गरिमापूर्ण सत्ता हस्तांतरण का स्पष्ट मार्ग प्रदान करता है।
पश्चिम बंगाल में हिंसा पर तिवारी ने क्या कहा?
तिवारी ने TMC कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक हिंसा का इतिहास होने का आरोप लगाया और कहा कि पिछले चुनाव में भी सैकड़ों लोग मारे गए थे। उन्होंने माँग की कि हिंसा के दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने क्या निर्देश दिए?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं के मद्देनज़र सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस पर BJP सांसद तिवारी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
तिवारी ने सनातन धर्म और चुनाव परिणामों को कैसे जोड़ा?
तिवारी ने CM योगी आदित्यनाथ के उस बयान का समर्थन किया जिसमें कहा गया था कि सनातन का अपमान करने वालों को हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी नतीजों को इसका उदाहरण बताया और MK स्टालिन का भी उल्लेख किया।
अभिषेक बनर्जी के बारे में तिवारी ने क्या कहा?
तिवारी ने अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी के रवैये को 'नाटक' करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान किसी के नाटक पर निर्भर नहीं हैं।
राष्ट्र प्रेस
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