सीएम ममता बनर्जी ने कोर्ट के फैसले पर उठाए सवाल: मंत्री दीपक प्रकाश
सारांश
Key Takeaways
- सीएम ममता बनर्जी का धरना समाप्त हुआ।
- दीपक प्रकाश ने धरने को बेवजह बताया।
- राजनीतिक माहौल में और भी गर्मी आएगी।
- एलपीजी संकट पर सरकार ने कदम उठाने का आश्वासन दिया।
- एनडीए राज्यसभा चुनाव में जीत की उम्मीद जता रहा है।
पटना, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना समाप्त हो गया है। बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि यह धरना बेवजह था और इसे समाप्त होना ही था। सवाल यह उठता है कि यदि सीएम ममता को न्यायालय से उनके अनुसार फैसला नहीं मिलता, तो क्या वे फिर न्यायालय पर भी सवाल उठाएंगी।
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि यदि सीएम ममता बनर्जी को न्यायालय से उनके अनुसार निर्णय नहीं मिलता, तो वे न्यायालय पर भी प्रश्न उठाएंगी। एसआईआर के मुद्दे पर सुनवाई हो चुकी है, जहां कुछ कमी पाई गई है और सुनवाई का अवसर भी दिया गया है। सीएम ममता इस मुद्दे पर माहौल बना रही हैं, लेकिन उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। बिहार में भी एसआईआर को लेकर विपक्ष ने मुद्दा उठाया, लेकिन जनता ने इसे स्वीकार नहीं किया। बिहार में एनडीए को स्पष्ट जनादेश मिला था।
एलपीजी संकट पर दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार एलपीजी की आपूर्ति को लेकर कदम उठा रही है, और अन्य स्रोतों से भी एलपीजी उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रही है। एलपीजी की कोई कमी नहीं होगी।
जदयू में निशांत कुमार की एंट्री पर मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि उन्हें शुभकामनाएं। सीएम नीतीश कुमार ने अपने 20 साल के कार्यकाल में बिहार को विकास की दिशा में आगे बढ़ाया है। निशांत कुमार युवा हैं और उनके राजनीति में आने से लोकतंत्र और राजनीति की मजबूती होगी।
राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि एनडीए सभी पांच सीटों पर जीत हासिल करेगा। सभी गठबंधन दल एकजुट हैं, और मुझे पूरा यकीन है कि एनडीए की जीत होगी।
ज्ञात हो कि सीएम ममता बनर्जी ने धरना समाप्त करने के बाद पूर्व राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि बोस को उनके भविष्य के कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने लिखा, "धर्मतला में हमारे पांच दिन के धरने के समाप्त होने के बाद मैंने कल जाने से पहले पश्चिम बंगाल के पूर्व गवर्नर सीवी आनंद बोस से व्यक्तिगत रूप से मिलने का समय निकाला।"
उन्होंने आगे लिखा, "डॉ. बोस एक ज्ञानी और प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं, और उनके कार्यकाल के दौरान मुझे हमारे राज्य और इसके लोगों की भलाई और तरक्की से जुड़े मामलों पर उनसे चर्चा का अवसर मिला। मैंने हमेशा इन चर्चाओं को महत्व दिया है। मैं डॉ. बोस को उनके आगे के सभी कार्यों के लिए शुभकामनाएं देती हूं। मुझे विश्वास है कि अपनी समझदारी और अनुभव से वे जो भी जिम्मेदारी लेंगे, उसे बखूबी निभाएंगे।"