ममता बनर्जी का आरोप: एसआईआर के जरिए भाजपा को विधानसभा चुनाव में लाभ पहुंचाना है

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ममता बनर्जी का आरोप: एसआईआर के जरिए भाजपा को विधानसभा चुनाव में लाभ पहुंचाना है

सारांश

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के माध्यम से मतदाता सूची में बदलाव के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह सभी भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव में फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी का आरोप कि एसआईआर भाजपा के लिए फायदेमंद है।
भाजपा को चुनाव आयोग का समर्थन मिलने पर भी चुनाव हारने की संभावना।
मुख्य चुनाव आयुक्त को मामले की जांच करने का निर्देश।
सीवी आनंद बोस के इस्तीफे की जांच की आवश्यकता।
राज्य सरकार ने राष्ट्रपति के कार्यक्रम में सभी प्रोटोकॉल का पालन किया।

कोलकाता, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को यह आरोप लगाया कि राज्य में हो रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) के माध्यम से मतदाता सूची में बदलाव का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाना है।

धरना स्थल से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता ने चुनौती दी कि अगर भाजपा को चुनाव आयोग का समर्थन भी मिल जाए, तब भी वह चुनाव नहीं जीत सकेगी। उन्होंने कहा, “बंगाल की जनता अपने अधिकारों का हनन करने वालों को उचित जवाब देगी।”

मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि जो लोग 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट डाल चुके हैं, उनके नाम अब मतदाता सूची से कैसे हटाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, “अगर किसी को 2024 में वोटरों ने चुनकर प्रधानमंत्री बनाया, तो अब अचानक कुछ को अयोग्य कैसे घोषित किया जा सकता है? पहले उन्होंने मतदान किया था और अब उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।”

ममता ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस मामले की गहन जांच करनी चाहिए। उन्होंने सीवी आनंद बोस के 5 मार्च को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद से इस्तीफा देने पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में अभी तीन साल बाकी हैं, इसलिए उनके इस्तीफे की परिस्थितियों की जांच होनी चाहिए।

उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे का भी जिक्र किया और कहा कि पिछले साल जुलाई में उनके इस्तीफे की भी जांच आवश्यक है, क्योंकि वे पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम स्थल में बदलाव के संदर्भ में राज्य सरकार ने सभी प्रोटोकॉल का पालन किया था और भाजपा इस मामले को बेवजह राजनीतिक रंग दे रही है।

उन्होंने कहा कि अगर कार्यक्रम में किसी तरह की अव्यवस्था हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार निजी आयोजक और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया हैं, जिसने कार्यक्रम के लिए स्थल उपलब्ध कराया था, न कि राज्य सरकार।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आगामी विधानसभा चुनाव में उनके लिए महत्वपूर्ण है। यह राजनीतिक आरोपों का एक नया दौर है, जिसमें चुनाव आयोग और प्रशासन पर भी सवाल उठाए गए हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी ने एसआईआर के बारे में क्या कहा?
ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची में बदलाव का मकसद भाजपा को चुनाव में लाभ पहुंचाना है।
क्या भाजपा को चुनाव आयोग का समर्थन मिलेगा?
ममता ने कहा कि अगर भाजपा को चुनाव आयोग का समर्थन भी मिल जाए, तो भी वह चुनाव नहीं जीत पाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त को किस मामले की जांच करनी चाहिए?
ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को मतदाता सूची में बदलाव की जांच करने की सलाह दी है।
क्या सीवी आनंद बोस का इस्तीफा संदिग्ध है?
ममता ने कहा कि बोस का इस्तीफा संदिग्ध है और इसकी जांच होनी चाहिए।
राज्य सरकार ने राष्ट्रपति के कार्यक्रम में क्या किया?
ममता ने कहा कि राज्य सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में सभी प्रोटोकॉल का पालन किया।
राष्ट्र प्रेस
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