क्या ममता बनर्जी के पत्र में आरोपों का कोई आधार है?
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कोलकाता, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजे गए पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि अगर ममता बनर्जी को कोई समस्या है, तो उन्हें अपने आरोपों के लिए सबूत पेश करने चाहिए।
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, "जितने पत्र भेजना हो भेजिए, लेकिन सबूत भी साथ में भेजिए। ममता बनर्जी को बताना चाहिए कि उनके पास क्या सबूत हैं। अगर उन्हें कोई परेशानी है, तो सबूत के साथ अपनी बात रखें।"
उन्होंने आगे कहा कि असल में ममता बनर्जी के पास कोई सबूत नहीं है। 24 लाख मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिनमें से केवल तीन के बारे में जानकारी दी गई है।
भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी के पत्र लिखते-लिखते एसआईआर का कार्य पूरा हो जाएगा और इसका अधिकांश काम पहले ही पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि फर्जी मतदाता को वोटर लिस्ट से हटाया जाएगा।
दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि ईडी की छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी के कार्यों के कारण हमें पूरे देश के समक्ष शर्मिंदा होना पड़ा है। यह एक मुख्यमंत्री के लिए उचित नहीं है। यह मामला अब कोर्ट में है, जिसके हर फैसले को स्वीकार किया जाएगा।
उन्होंने कहा, "जब किसी प्राइवेट कंपनी पर छापा होता है, तो उसके रिकॉर्ड में दिखाए गए पते और मालिकों की जगहों की तलाशी ली जाती है। ऐसा हर जगह होता है। ममता बनर्जी इस पर इतनी परेशान क्यों हैं? उनकी टीम में इतनी घबराहट क्यों है?"
दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि बंगाल असामाजिक और देश विरोधी तत्वों के लिए सुरक्षित स्थान बन गया है। राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। सभी अपराधी लोग पश्चिम बंगाल में आकर छिपते हैं।
इस बीच, भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री मोदी के पश्चिम बंगाल दौरे पर भी प्रतिक्रिया दी। दिलीप घोष ने कहा, "हमें किसी भी कीमत पर बंगाल जीतना है। इसलिए हमारे केंद्रीय नेता, जिनमें प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष शामिल हैं, बार-बार बंगाल आते रहेंगे। भाजपा यहां बदलाव ला सकती है और सरकार बना सकती है। यहां जंगल राज चल रहा है और इसे समाप्त किया जाएगा। लोगों को भाजपा और प्रधानमंत्री पर भरोसा है।