21 जुलाई 2026
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पवन सिंह को भाजपा ने दिया बिहार एमएलसी टिकट, 'पावर स्टार' की राजनीतिक पारी को नई उड़ान

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पवन सिंह को भाजपा ने दिया बिहार एमएलसी टिकट, 'पावर स्टार' की राजनीतिक पारी को नई उड़ान

सारांश

भोजपुरी सिनेमा के 'पावर स्टार' पवन सिंह को भाजपा ने बिहार एमएलसी चुनाव में टिकट देकर फिर मैदान में उतारा है। 2024 में आसनसोल विवाद और काराकाट हार के बाद यह उनकी राजनीतिक पुनर्वापसी का अहम मौका है।

मुख्य बातें

भाजपा ने 5 जून 2026 को बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की।
भोजपुरी 'पावर स्टार' पवन सिंह को एमएलसी उम्मीदवार बनाया गया; संजय मयूख , अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित भी सूची में।
पवन सिंह ने 2014 में भाजपा की सदस्यता ली थी; 2024 लोकसभा चुनाव में आसनसोल से नाम वापस लेने के बाद काराकाट से चुनाव लड़े और हारे।
उनका संगीत सफर 1997 में शुरू हुआ; 2008 में 'लॉलीपॉप लागेलू' ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
राजपूत समाज में उनकी पकड़ और भोजपुरी पट्टी में लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन पर दांव लगाया है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 5 जून 2026 को बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें भोजपुरी सिनेमा के 'पावर स्टार' पवन सिंह का नाम सबसे अधिक चर्चा में रहा। पार्टी ने उनके साथ संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को भी उम्मीदवार घोषित किया है। राजपूत समाज में पवन सिंह की व्यापक पकड़ और भोजपुरी पट्टी में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन पर यह बड़ा दांव लगाया है।

पवन सिंह का भोजपुरी सफर

पवन सिंह आज भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारों में गिने जाते हैं, लेकिन यह मुकाम उन्होंने आर्थिक तंगी और कठिन संघर्षों के बीच हासिल किया। उनकी संगीत यात्रा 1997 में एल्बम 'ओढ़निया वाली' से शुरू हुई। इसके बाद 'कांच कसैली' ने उन्हें पहचान दिलाई।

असली सफलता 2008 में आई, जब सुपरहिट गीत 'लॉलीपॉप लागेलू' देश-विदेश में धूम मचाने लगा। इस गाने ने उन्हें भोजपुरी संगीत जगत में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई और 'पावर स्टार' की उपाधि का आधार बना।

फिल्मी करियर और सुपरस्टार की छवि

गायकी में सफलता के बाद पवन सिंह ने 2007 में फिल्म 'रंगली चुनरिया तोहरे नाम' से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद 'प्रतिज्ञा', 'डकैत', 'वांटेड', 'लोहा पहलवान', 'पवन राजा', 'शेर सिंह', 'सत्या' और 'सईयां भईल परदेसी' जैसी कई सफल फिल्मों ने उन्हें भोजपुरी सिनेमा का अपरिहार्य नाम बना दिया।

राजनीतिक सफर और विवाद

पवन सिंह ने 2014 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रहे। 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित किया। हालांकि, उम्मीदवारी की घोषणा के कुछ ही समय बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए चुनाव न लड़ने का फैसला सुनाया।

उस समय उनके कुछ पुराने गीतों को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ था — विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि कुछ गीतों में महिलाओं और बंगाल को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ हैं। पार्टी के भीतर से भी उनकी उम्मीदवारी पर विरोध की खबरें सामने आई थीं। ऐसे में पवन सिंह ने भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए आसनसोल से हटने का निर्णय लिया।

काराकाट से हार और अब एमएलसी की राह

आसनसोल से नाम वापस लेने के बाद पवन सिंह ने बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया। सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपनी माँ से वादा किया था कि वह चुनाव लड़ेंगे और उसी वादे को निभाने के लिए मैदान में उतरे। हालांकि, उन्हें इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा। अब बिहार विधान परिषद चुनाव में भाजपा का टिकट उनकी राजनीतिक पारी को एक नई दिशा देने का अवसर लेकर आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अप्रत्यक्ष चुनाव से होकर जाता है — इसलिए यह दांव अपेक्षाकृत सुरक्षित भी है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या पवन सिंह विधायी भूमिका में वह विश्वसनीयता अर्जित कर पाते हैं जो उनके पर्दे के किरदारों से परे हो।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पवन सिंह को भाजपा ने किस चुनाव में टिकट दिया है?
भाजपा ने पवन सिंह को बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया है। यह सूची 5 जून 2026 को जारी की गई।
पवन सिंह 'पावर स्टार' कौन हैं?
पवन सिंह भोजपुरी सिनेमा और संगीत के सुपरस्टार हैं, जिन्हें 'पावर स्टार' के नाम से जाना जाता है। 2008 में 'लॉलीपॉप लागेलू' गाने ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई और 'प्रतिज्ञा', 'डकैत' जैसी फिल्मों ने उन्हें भोजपुरी सिनेमा का शीर्ष नाम बनाया।
2024 लोकसभा चुनाव में पवन सिंह के साथ क्या हुआ था?
2024 में भाजपा ने उन्हें पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन गीतों को लेकर विवाद और पार्टी के भीतर विरोध के बाद उन्होंने नाम वापस ले लिया। इसके बाद उन्होंने बिहार की काराकाट सीट से चुनाव लड़ा, जहाँ उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
भाजपा की बिहार एमएलसी सूची में और कौन-से नाम हैं?
पवन सिंह के अलावा भाजपा ने संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को भी बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है।
भाजपा ने पवन सिंह पर दांव क्यों लगाया?
रिपोर्टों के अनुसार, राजपूत समाज में पवन सिंह की मजबूत पकड़ और भोजपुरी पट्टी में उनकी व्यापक लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें एमएलसी उम्मीदवार बनाया है। पार्टी इस सिनेमाई स्टारडम को चुनावी समीकरण में भुनाने की रणनीति पर चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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