29 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भोजपुर-बक्सर विधान परिषद उपचुनाव में राजद की जीत, जदयू उम्मीदवार को हराया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भोजपुर-बक्सर विधान परिषद उपचुनाव में राजद की जीत, जदयू उम्मीदवार को हराया

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद राजद को पहली बड़ी राहत मिली है — भोजपुर-बक्सर विधान परिषद उपचुनाव में सोनू कुमार राय ने जदयू के कन्हैया प्रसाद को हराकर महागठबंधन का परचम लहराया। यह जीत NDA के लिए राजनीतिक संकेत है।

मुख्य बातें

राजद के सोनू कुमार राय ने भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार विधान परिषद उपचुनाव में जीत दर्ज की।
जदयू (NDA) के उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद इस चुनाव में पराजित हुए।
मतदान 12 मई को हुआ था; परिणाम 14 मई 2025 को घोषित।
सीट एमएलसी राधा चरण सेठ के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद त्यागपत्र से रिक्त हुई थी।
उपचुनाव में कुल छह उम्मीदवार मैदान में थे।
राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने जीत को तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जनता के विश्वास की जीत बताया।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार सोनू कुमार राय ने 14 मई 2025 को भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार विधान परिषद उपचुनाव में निर्णायक जीत दर्ज की। उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के जनता दल (यूनाइटेड) उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद को पराजित किया। बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी हार के बाद महागठबंधन के लिए यह जीत राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

उपचुनाव की पृष्ठभूमि

यह सीट तब रिक्त हुई जब एमएलसी राधा चरण सेठ ने बिहार विधानसभा चुनाव जीतने के बाद भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार विधान परिषद सीट से त्यागपत्र दे दिया। 12 मई को इस सीट के लिए मतदान सम्पन्न हुआ, जिसमें कुल छह उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। NDA की ओर से जदयू के कन्हैया प्रसाद और महागठबंधन की ओर से राजद के सोनू कुमार राय प्रमुख दावेदार रहे।

जीत का जश्न और प्रतिक्रियाएँ

मतगणना में निर्णायक बढ़त स्पष्ट होते ही राजद कार्यकर्ताओं ने मतगणना स्थल के बाहर उत्सव मनाना शुरू कर दिया। पटना स्थित राजद प्रदेश कार्यालय में पार्टी नेताओं ने एक-दूसरे को मिठाइयाँ खिलाकर जीत का जश्न मनाया और भोजपुर तथा बक्सर के पंचायत प्रतिनिधियों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी।

राजद नेताओं के बयान

राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि यह जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत है और तेजस्वी यादव के प्रति पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा जन प्रतिनिधियों के विश्वास को दर्शाती है।

प्रदेश राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, 'जब भी बैलेट से चुनाव होगा, लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी।' उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार विधानसभा चुनाव में भी राजद को 143 सीटों पर बैलेट पेपर से बढ़त मिली थी। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

NDA के लिए संकेत

राजद की इस जीत को NDA के लिए एक राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में आई है जब बिहार विधानसभा चुनाव में NDA ने बड़ी जीत दर्ज की थी और राजद विपक्ष में बैठने को मजबूर हुई थी। गौरतलब है कि स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव पंचायत एवं नगर निकाय प्रतिनिधियों द्वारा होते हैं, जो सीधे जनमत से अलग होते हैं।

आगे की राह

इस जीत के बाद राजद अपनी संगठनात्मक ऊर्जा को पुनः स्थापित करने की कोशिश करेगी। विश्लेषकों के अनुसार, यह परिणाम बिहार की राजनीति में महागठबंधन की ज़मीनी पकड़ को लेकर एक सकारात्मक संकेत हो सकता है, हालाँकि एक उपचुनाव से व्यापक निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सीधे जनमत का प्रतिबिंब नहीं होतीं। राजद के प्रवक्ता का यह दावा कि विधानसभा चुनाव में 143 सीटों पर बैलेट से बढ़त थी, एक पुरानी विवादास्पद राजनीतिक लाइन है जिसे बिना सत्यापन के स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। फिर भी, बिहार विधानसभा हार के बाद संगठन को जीवित रखने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने के लिए राजद के लिए यह परिणाम प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोजपुर-बक्सर विधान परिषद उपचुनाव में किसने जीत हासिल की?
महागठबंधन की ओर से राजद के उम्मीदवार सोनू कुमार राय ने यह उपचुनाव जीता। उन्होंने NDA के जदयू प्रत्याशी कन्हैया प्रसाद को पराजित किया।
यह सीट उपचुनाव के लिए रिक्त क्यों हुई थी?
एमएलसी राधा चरण सेठ ने बिहार विधानसभा चुनाव जीतने के बाद भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार विधान परिषद सीट से त्यागपत्र दे दिया था, जिससे यह सीट खाली हुई।
इस उपचुनाव में मतदान कब हुआ और कुल कितने उम्मीदवार थे?
मतदान 12 मई 2025 को हुआ और इस उपचुनाव में कुल छह उम्मीदवारों ने भाग लिया। परिणाम 14 मई को घोषित किए गए।
राजद की इस जीत का बिहार की राजनीति पर क्या असर होगा?
बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद यह जीत राजद के लिए संगठनात्मक मनोबल बढ़ाने वाली है। हालाँकि, विश्लेषकों के अनुसार स्थानीय प्राधिकार सीट के नतीजे से व्यापक जनमत का आकलन करना उचित नहीं होगा।
राजद नेताओं ने इस जीत पर क्या कहा?
राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जनता के विश्वास की जीत बताया। मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि बैलेट से होने वाले चुनाव में लोकतंत्र हमेशा मजबूत होता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले