बिहार में राज्यसभा चुनाव: एनडीए के सभी पाँच उम्मीदवारों की शानदार जीत

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बिहार में राज्यसभा चुनाव: एनडीए के सभी पाँच उम्मीदवारों की शानदार जीत

सारांश

बिहार में राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन किया है, सभी पाँच उम्मीदवारों को जीत मिली। नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए ने महागठबंधन को एक बड़ा झटका दिया है।

मुख्य बातें

एनडीए ने राज्यसभा चुनाव में सभी सीटें जीतीं।
महागठबंधन की चार विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए।
नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है।

पटना, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में राज्यसभा चुनाव में एनडीए के सभी पाँचों प्रत्याशी विजयी हुए हैं। सोमवार की शाम को मतगणना के बाद एनडीए के सभी उम्मीदवारों नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम को जीत का ऐलान किया गया।

सूत्रों के अनुसार, एनडीए के पाँचवे उम्मीदवार शिवेश कुमार को द्वितीय वरीयता के आधार पर जीत मिली, फिर भी उन्होंने सबसे अधिक मत प्राप्त किए। महागठबंधन ने चुनाव में राजद के अमरेंद्र धारी सिंह को उम्मीदवार बनाया था, जिसके चलते पाँचवीं सीट को लेकर स्थिति में उलझन आ गई थी।

राज्यसभा चुनाव के परिणामों के चलते बिहार की राजनीति में कई बड़े बदलाव आ सकते हैं। नीतीश कुमार को ऊपरी सदन में जाने के लिए मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है।

जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम पहले से ही अपेक्षित था। हम ने इससे पहले विधानसभा चुनाव में भी एकजुट रहकर लड़ा था और आज का परिणाम इस बात का सबूत है।

विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए हैं। बताया गया कि इस चुनाव में एक सीट जीतने के लिए ४१ मतों की आवश्यकता थी, लेकिन महागठबंधन के चार विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए। इनमें कांग्रेस के तीन तथा राजद का एक विधायक शामिल है। इस अनुपस्थिति ने चुनावी गणित को पूरी तरह से बदल दिया।

एनडीए के सभी २०२ विधायकों ने वोट डाला, जबकि विपक्षी महागठबंधन के चार विधायकों ने मतदान नहीं किया। राज्यसभा चुनाव का यह परिणाम महागठबंधन के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। हालांकि, इस चुनाव में एआईएमआईएम के पाँच विधायकों ने महागठबंधन का समर्थन किया। दरअसल, बिहार के राज्यसभा सदस्य जिनका कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, उनमें अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेमचंद गुप्ता, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि नीतीश कुमार के ऊपरी सदन में जाने से राज्य की राजनीतिक स्थिति में बदलाव आ सकता है। विपक्ष की ओर से उठाए गए आरोपों के बीच, यह चुनावी परिणाम कई सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनडीए के सभी उम्मीदवारों की जीत का क्या मतलब है?
एनडीए के सभी पाँच उम्मीदवारों की जीत का मतलब है कि बिहार में उनकी राजनीतिक स्थिति मजबूत हुई है और यह महागठबंधन के लिए एक बड़ा झटका है।
क्या नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे?
हां, नीतीश कुमार को ऊपरी सदन में जाने के लिए मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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