बिहार: एनडीए की राज्यसभा चुनाव में सभी सीटों पर विजय, विजय सिन्हा ने इसे बताया जनादेश
सारांश
Key Takeaways
- एनडीए ने सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की।
- विजय सिन्हा ने इसे जनादेश बताया।
- विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
- राम कृपाल यादव ने एनडीए की जीत को पहले से तय बताया।
- आरजेडी ने चुनाव को लोकतंत्र की हार कहा।
पटना, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में हाल ही में आयोजित राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी पांच उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चुनाव में नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम को विजयी घोषित किया गया। इन नतीजों के साथ बिहार की सभी पाँच सीटों पर एनडीए का नियंत्रण हो गया है।
परिणामों की घोषणा के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इसे जनता के जनादेश और विधायकों के समर्थन का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के विश्वास और विधायकों के आशीर्वाद के कारण एनडीए ने सभी सीटों पर विजय प्राप्त की है। उन्होंने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत बिहार की गरिमा और सम्मान को और बढ़ाएगी।
विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि हारने वाले अक्सर आरोप लगाते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि इस बार विपक्ष ने चुनाव आयोग पर आरोप नहीं लगाया। साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रथम और द्वितीय वरीयता के वोटों की प्रक्रिया को समझना आवश्यक है, जिसे विपक्षी दल सही से समझ नहीं पा रहे हैं।
बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने भी परिणामों पर बयान देते हुए कहा कि एनडीए की जीत पहले से ही तय थी। गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण यह जीत सुनिश्चित थी। उन्होंने एनडीए के सभी विजयी उम्मीदवारों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि विपक्ष का शोर-शराबा बेकार है। विपक्ष के पास कोई ठोस समीकरण नहीं था, फिर भी उन्होंने उम्मीदवार खड़े करके केवल संसाधनों की बर्बादी की।
हालांकि, विपक्ष ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक भाई वीरेंद्र ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष नहीं थी। उनका आरोप है कि आरजेडी के चार मतदाताओं को एनडीए के सदस्यों ने रोक लिया था, जिसके चलते परिणाम प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि एनडीए के उम्मीदवार द्वितीय वरीयता के वोटों के आधार पर जीते हैं, जो न केवल उनकी पार्टी बल्कि लोकतंत्र की भी हार है।
आरजेडी के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह ने परिणामों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र में जिस पक्ष के पास पर्याप्त संख्या होती है, वही अंततः चुनाव में विजयी होता है।