विजय सिन्हा का बयान: राज्यसभा चुनाव में एनडीए की पूर्ण जीत ने किया जनता का मनोबल ऊँचा
सारांश
Key Takeaways
- एनडीए ने बिहार की सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की है।
- विजय कुमार सिन्हा ने इसे जनता की भावना का नतीजा बताया है।
- इस जीत से विकसित बिहार के लक्ष्य को बल मिलेगा।
- विपक्ष की आंतरिक कमजोरी उजागर हुई है।
- उपमुख्यमंत्री ने आत्ममंथन की सलाह दी है।
पटना, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना में राज्यसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एनडीए की सभी पांच सीटों पर जीत को जनता की भावना और गठबंधन की एकजुटता का परिणाम बताया।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "यह जीत बिहार की जनता की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करती है। यह एनडीए की एकजुटता का प्रमाण है।" उन्होंने यह भी कहा कि डबल इंजन सरकार की सोच, विकास, सुशासन और समृद्धि को इस जीत से और मजबूती मिलेगी। उनका यह भी मानना था कि इससे "विकसित बिहार" के लक्ष्य को प्राप्त करने में बल मिलेगा।
उपमुख्यमंत्री ने सभी विजेता उम्मीदवारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो पांच नेता राज्यसभा में चुने गए हैं, वे बिहार के हितों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वहीं, विजय सिन्हा ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि यह परिणाम विपक्षी दलों की आंतरिक कमजोरियों को उजागर करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह उनके अंदरूनी मुद्दों और संगठनात्मक कमजोरियों को दर्शाता है। उनके अपने विधायक भी उनके नेतृत्व पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
राजद और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन पार्टियों को अपने संगठन पर नियंत्रण बनाए रखने की आवश्यकता है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल अपने कार्यकर्ताओं से अपेक्षाएं तो करते हैं, लेकिन विधायकों का सम्मान नहीं करते।
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने विपक्ष को सलाह दी कि उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए और अपनी कमियों का मूल्यांकन करना चाहिए।
यह ध्यान देने योग्य है कि बिहार में राज्यसभा की सभी पांच सीटों पर एनडीए ने जीत हासिल की है। इनमें से दो सीटें जदयू को मिली हैं, जबकि भाजपा के उम्मीदवारों ने दो सीटें जीती हैं। इसके अलावा, एक सीट आरएलएम के खाते में गई है। इस जीत को एनडीए के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।