बिहार में राज्यसभा चुनाव: एनडीए की जीत को लेकर आश्वस्त, महागठबंधन की उम्मीदें जिंदा

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बिहार में राज्यसभा चुनाव: एनडीए की जीत को लेकर आश्वस्त, महागठबंधन की उम्मीदें जिंदा

सारांश

राज्यसभा चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर। एनडीए पांच सीटों पर जीत का दावा कर रहा है, जबकि महागठबंधन की रणनीति पर नजर। जानें कौन जीतेगा!

Key Takeaways

  • राज्यसभा चुनाव में एनडीए का आत्मविश्वास।
  • महागठबंधन की रणनीति और तेजस्वी यादव की भूमिका।
  • बिहार में चुनावी माहौल गरमाया।
  • वोटिंग प्रक्रिया पर जदयू की बैठक।
  • 10 राज्यों में 37 सीटों का चुनाव।

नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा चुनाव में अब केवल एक दिन शेष रह गया है, इस दौरान सभी राजनीतिक दल अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नरेंद्र नारायण यादव एनडीए की सफलता को लेकर आश्वस्त दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि एनडीए सभी पांच सीटें जीतेगा, यह विश्वास तो होना ही चाहिए।

कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने यह दावा किया कि इंडिया गठबंधन में राज्यसभा चुनाव जीतने की पूरी क्षमता है। उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया कि इंडिया गठबंधन और हमारे महागठबंधन में जीत के लिए अपनी रणनीति बनाने की पूरी क्षमता है। भाजपा या जदयू का आपस में गठबंधन करना उनका निर्णय है, लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हम अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करेंगे।

बिहार सरकार में मंत्री और भाजपा नेता राम कृपाल यादव ने कहा कि राजद चुनाव हारने जा रही है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव टिकने वाले नहीं हैं, और उनके वोट भी हमारे पास आने वाले हैं। राष्ट्रीय जनता दल में रहकर कौन अपने भविष्य को अंधेरे की ओर ले जाना चाहेगा? जो भी अपना भविष्य सुरक्षित करना चाहता है और राजनीति में बने रहना चाहता है, वह हमारे साथ जुड़ रहा है।

बिहार में चौथी राज्यसभा सीट के लिए चल रही लड़ाई पर प्रकाश डालते हुए राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "हम यह मानने को तैयार हैं कि चार सीटें एनडीए के पास जाएंगी, लेकिन पांचवीं सीट पक्का महागठबंधन, अर्थात् इंडिया ब्लॉक के पास ही जाएगी, यह बात तय है।"

गौरतलब है कि राज्यसभा चुनावों से पहले, विभिन्न पार्टियां अपने विधायकों के साथ बैठकें कर रही हैं। इस संदर्भ में जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "चूंकि यह राज्यसभा का द्विवार्षिक चुनाव है, इसलिए स्वाभाविक रूप से हमारी विभिन्न घटक पार्टियों की सामूहिक बैठकें हो रही हैं। इन बैठकों के दौरान जिम्मेदारियां भी सौंपी जा रही हैं, जैसे कि वोटिंग कैसे होगी और उसका क्या तरीका रहेगा। यहां विधायकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, न कि विधान परिषद की। हम इस बैठक में अपना समर्थन दिखाने के लिए आए हैं।"

आपको बता दें, 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों को भरने के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनावों की वोटिंग सोमवार को होगी। इन राज्यों में महाराष्ट्र (7), तमिलनाडु (6), बिहार (5), पश्चिम बंगाल (5), ओडिशा (4), असम (3), तेलंगाना (2), छत्तीसगढ़ (2), हरियाणा (2) और हिमाचल प्रदेश (1) शामिल हैं।

Point of View

जिससे यह चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

राज्यसभा चुनाव कब हो रहे हैं?
राज्यसभा चुनाव की वोटिंग सोमवार को होने वाली है।
बिहार में कितनी सीटें हैं?
बिहार में राज्यसभा की कुल पांच सीटें हैं।
एनडीए और महागठबंधन में कौन आगे है?
एनडीए ने सभी पांच सीटों पर जीत का दावा किया है, जबकि महागठबंधन भी अपनी रणनीतियों पर काम कर रहा है।
तेजस्वी यादव की भूमिका क्या है?
तेजस्वी यादव महागठबंधन के नेता हैं और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है।
जदयू की बैठक का उद्देश्य क्या है?
जदयू की बैठक में वोटिंग प्रक्रिया और विधायकों की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।
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