एनआईए की तीसरी चार्जशीट: सीपीआई (माओवादी) फंडिंग मामले में छठा आरोपी चंदन कुमार नामजद
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 14 जुलाई 2026 को प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) से जुड़े साजिश मामले में अपनी तीसरी चार्जशीट दाखिल की, जिसमें चंदन कुमार को छठे प्रमुख आरोपी के रूप में नामजद किया गया है। यह चार्जशीट रांची स्थित एनआईए विशेष अदालत में दाखिल की गई है और मामला माओवादी संगठन की मगध जोन में पुनः सक्रियता बढ़ाने तथा ठेकेदारों से उगाही कर हथियार व गोला-बारूद खरीदने के लिए धन जुटाने से संबंधित है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला एनआईए ने दिसंबर 2021 में स्वतः संज्ञान लेते हुए दर्ज किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, ठेकेदारों से बड़ी मात्रा में उगाही की गई रकम अलग-अलग माध्यमों से माओवादी संगठन तक पहुंचाई जाती थी। सीपीआई (माओवादी) के प्रमुख एसएसी सदस्य प्रद्युमन शर्मा, आरोपी अभिनव, चंदन कुमार और एफआईआर में नामजद अन्य लोग इस पूरी साजिश का हिस्सा बताए गए हैं।
चंदन कुमार की भूमिका
जांच एजेंसी के अनुसार, चंदन कुमार को जनवरी 2026 में मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि वह प्रतिबंधित संगठन के लिए सक्रिय रूप से धन जुटाने का काम कर रहा था। इसके अतिरिक्त, वह संगठन के पुराने कैडरों को दोबारा जोड़कर मगध जोन में माओवादी गतिविधियों को पुनः मजबूत करने की कोशिश कर रहा था। जांच में यह भी पता चला कि वह हिंसक गतिविधियों के जरिए संगठन की विचारधारा फैलाने का प्रयास कर रहा था।
उगाही नेटवर्क की जांच
एनआईए की जांच में यह उजागर हुआ कि ठेकेदारों से एकत्र की गई रकम को विभिन्न माध्यमों से माओवादी नेटवर्क तक पहुंचाया जाता था। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियां मध्य भारत में वामपंथी उग्रवाद पर लगाम कसने के लिए बहु-स्तरीय अभियान चला रही हैं। गौरतलब है कि मगध जोन बिहार और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में फैला एक संवेदनशील इलाका रहा है।
जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी पूरे नेटवर्क, धन के स्रोत, उगाही के तरीकों और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई किए जाने की संभावना है।