एनआईए ने आंध्र प्रदेश में 3 माओवादी कार्यकर्ताओं पर आरोप पत्र दायर किया, विस्फोटक आपूर्ति का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आंध्र प्रदेश में प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के तीन कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। इन पर सुरक्षा बलों पर हमले के लिए अंडरग्राउंड माओवादी सदस्यों को विस्फोटक सामग्री और रसद सहायता पहुँचाने का आरोप है। यह आरोप पत्र विशाखापत्तनम स्थित एनआईए विशेष न्यायालय में दायर किया गया है।
मुख्य आरोपी और गिरफ्तारी
आरोप पत्र में नामित तीन आरोपियों में से दो — नाका डेविड राज उर्फ डेवीडू और विजय विश्वास — की पहचान सीपीआई (माओवादी) के ओवरग्राउंड कार्यकर्ताओं (ओजीडब्ल्यू) के रूप में हुई है। जांच के अनुसार, ये दोनों विस्फोटक सामग्री की एक खेप तीसरे आरोपी सोडी केसा को सौंपने जा रहे थे, तभी स्थानीय पुलिस ने इन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।
तीनों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम — यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
एनआईए की जांच में क्या सामने आया
एनआईए ने सितंबर 2024 में यह मामला स्थानीय पुलिस से अपने हाथ में लिया था। जांच में खुलासा हुआ कि डेविड और विजय सुरक्षा बलों पर हमलों के लिए विस्फोटक सामग्री की खरीद, परिवहन और आपूर्ति की पूरी शृंखला में सक्रिय रूप से शामिल थे।
एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने सीपीआई (माओवादी) के सदस्यों के साथ जानबूझकर संबंध स्थापित किए और संगठन के एजेंडे को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें सहायता प्रदान की।
साजिश का व्यापक उद्देश्य
जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरी साजिश सीपीआई (माओवादी) को क्षेत्र में अपनी परिचालन क्षमताएँ मजबूत करने में मदद करने और देश की सुरक्षा एवं स्थिरता को बाधित करने के व्यापक लक्ष्य से रची गई थी। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश और उससे लगे क्षेत्र वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे हैं, और एनआईए पिछले कुछ वर्षों में इस नेटवर्क को व्यवस्थित रूप से तोड़ने में लगी है।
आगे की जांच जारी
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित संगठन के अन्य संबंधों और नेटवर्क की पहचान के लिए जांच अभी जारी है। यह मामला माओवादी आपूर्ति शृंखला को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।