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क्या एनआईए ने माओवादी संगठन उत्तरी क्षेत्र को फिर से सक्रिय करने के प्रयास में तीसरे आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की?

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क्या एनआईए ने माओवादी संगठन उत्तरी क्षेत्र को फिर से सक्रिय करने के प्रयास में तीसरे आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की?

सारांश

क्या एनआईए ने माओवादी संगठन को पुनः सक्रिय करने के प्रयासों को रोकने के लिए तीसरे आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की? जानें इस मामले में क्या हुआ और क्या है एनआईए की रणनीति।

मुख्य बातें

एनआईए ने माओवादी संगठन के खिलाफ तीसरे आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की।
प्रियांशु कश्यप दिल्ली में संगठन की एरिया सेल कमेटी का इंचार्ज था।
इस मामले में पहले भी चार्जशीट दायर की गई थी।
एनआईए की जांच में संगठन की गतिविधियों का पता चला।
एजेंसी साजिश को नाकाम करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।

नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने माओवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) के उत्तरी क्षेत्रीय ब्यूरो (एनआरबी) को पुनर्जीवित करने के प्रयास के संबंध में तीसरे आरोपी के खिलाफ एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की है। यह चार्जशीट मंगलवार को दाखिल की गई।

आरोपी प्रियांशु कश्यप उर्फ राकेश उर्फ नीलेश छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले का निवासी है। एनआईए की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि प्रियांशु दिल्ली में संगठन की एरिया सेल कमेटी और रोहतक में सब-जोनल कमेटी का प्रभारी था। वह वैचारिक शिक्षा, नए सदस्यों की भर्ती, लामबंदी और फ्रंट संगठनों को सक्रिय करने में शामिल था। इसके साथ ही, वह प्रतिबंधित संगठन की सामग्री फैलाने का कार्य भी कर रहा था।

पिछले साल फरवरी में एनआईए ने अजय सिंघल और नवंबर में विशाल सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामला जुलाई 2025 में प्रियांशु की गिरफ्तारी से संबंधित है। जांच में यह पाया गया कि आरोपी ने झूठी पहचान और गुप्त तरीकों से अपनी गतिविधियां संचालित कीं। उसके पास से सीपीआई (माओवादी) के कई आपत्तिजनक दस्तावेज और भूमिगत सामग्री बरामद हुई, जिनके आधार पर आरोप तय किए गए।

यह मामला एनआईए-एलकेवी से संबंधित है, जिसमें सीपीआई (माओवादी) के नेता, कैडर और ओवरग्राउंड वर्कर्स उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, और हिमाचल प्रदेश वाले उत्तरी क्षेत्र में संगठन की कमजोर स्थिति को मजबूत करने के प्रयास कर रहे थे। एनआईए की जांच में सामने आया कि ये प्रयास संगठन को उत्तर भारत में फिर से सक्रिय करने के लिए थे।

एजेंसी लगातार इस साजिश को विफल करने के लिए कार्रवाई कर रही है और मामले की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि एनआईए की इस कार्रवाई का उद्देश्य माओवादी संगठन की पुनः सक्रियता को रोकना है। यह कदम उस समय में उठाया गया है जब देश में सुरक्षा की स्थिति और भी महत्वपूर्ण हो गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है और इसे समय रहते लागू किया जाना चाहिए।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने किसके खिलाफ चार्जशीट दायर की?
एनआईए ने माओवादी संगठन के तीसरे आरोपी प्रियांशु कश्यप के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
प्रियांशु कश्यप किस क्षेत्र का निवासी है?
प्रियांशु कश्यप छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले का निवासी है।
एनआईए की जांच में क्या पाया गया?
जांच में पाया गया कि प्रियांशु संगठन की एरिया सेल कमेटी और सब-जोनल कमेटी का इंचार्ज था।
इस मामले में पहले कितने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी?
इस मामले में पहले अजय सिंघल और विशाल सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी।
क्या एनआईए की कार्रवाई जारी रहेगी?
हाँ, एनआईए लगातार इस साजिश को नाकाम करने के लिए कार्रवाई कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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