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क्या एनआईए ने छत्तीसगढ़ में जवान की हत्या के लिए पांच माओवादियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया?

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क्या एनआईए ने छत्तीसगढ़ में जवान की हत्या के लिए पांच माओवादियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया?

सारांश

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में भारतीय सेना के जवान मोतीराम अचला की हत्या के मामले में एनआईए ने पांच माओवादियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। यह मामला माओवादियों की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है, जो सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए योजना बना रहे थे।

मुख्य बातें

एनआईए ने पांच माओवादियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है।
मोतीराम अचला की हत्या फरवरी 2023 में हुई थी।
हत्या का मकसद स्थानीय लोगों में दहशत फैलाना था।
जांच में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
यह हत्या माओवादियों की व्यापक साजिश का हिस्सा थी।

नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में फरवरी 2023 में भारतीय सेना के जवान मोतीराम अचला की हत्या के मामले में पांच माओवादियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है।

यह पूरक आरोपपत्र जगदलपुर की एनआईए विशेष अदालत में प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन से संबंधित पांच आरोपियों, भवन लाल जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल, अंदूराम सलाम और सोनू हेमला पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आर्म्स एक्ट और गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूए(पी) एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

यह घटना फरवरी 2023 में कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र के उसेली गांव के मेले में हुई, जहां माओवादी सशस्त्र कार्यकर्ताओं ने मोतीराम अचला की गोली मारकर हत्या कर दी। उस समय वह अपने परिवार के साथ मेला देखने गए थे। एनआईए की जांच में यह बात सामने आई कि भवन लाल जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल और अंदूराम सलाम माओवादियों के सक्रिय ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) थे, जबकि सोनू हेमला भाकपा (माओवादी) की कुयेमारी एरिया कमेटी का सशस्त्र कार्यकर्ता था। सभी ने एक वरिष्ठ माओवादी नेता के साथ मिलकर अचला की पहचान की और स्थानीय बाजार में उनकी हत्या की साजिश रची।

एनआईए ने मार्च 2025 में इन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनका उद्देश्य स्थानीय लोगों में दहशत फैलाना था। इससे पहले, जून 2024 में इस मामले में एक अन्य आरोपी आशु कोर्सा के खिलाफ भी आरोपपत्र दायर किया गया था। यह मामला फरवरी 2024 में स्थानीय पुलिस से एनआईए ने अपने हाथ में लिया था। जांच एजेंसी ने पाया कि यह हत्या माओवादियों की उस व्यापक साजिश का हिस्सा थी, जिसका मकसद क्षेत्र में आतंक फैलाना और सुरक्षा बलों से जुड़े लोगों को निशाना बनाना था।

एनआईए ने कहा कि इस मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच शांति बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इस मामले में एनआईए की कार्रवाई यह दर्शाती है कि सरकार माओवादियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने आरोपपत्र कब दायर किया?
एनआईए ने 30 अगस्त 2023 को आरोपपत्र दायर किया।
कौन थे मारे गए जवान?
मारे गए जवान का नाम मोतीराम अचला था।
कितने माओवादियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया?
पांच माओवादियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया।
क्या एनआईए की जांच जारी है?
हाँ, एनआईए की जांच अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान के लिए जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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