छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ कैंप पर हमले में एनआईए की कार्रवाई: 6 माओवादी आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट
सारांश
Key Takeaways
- एनआईए ने 6 माओवादी संदिग्धों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
- हमला 16 जनवरी 2024 को बीजापुर में हुआ था।
- कई सीआरपीएफ जवान घायल हुए थे।
- इस मामले में कुल आरोपियों की संख्या 23 हो गई है।
- एनआईए ने माओवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने का कार्य जारी रखा है।
नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 2024 में घटित सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले के सिलसिले में महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। एनआईए ने 6 माओवादी संदिग्धों के खिलाफ चार्जशीट प्रस्तुत की है, जिनमें से 3 आरोपी फरार हैं। यह हमला प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के सदस्यों द्वारा किया गया था।
एनआईए द्वारा शुक्रवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 16 जनवरी 2024 को माओवादियों ने बीजापुर जिले के धर्मावरम स्थित सीआरपीएफ कैंप पर एक घातक हमला किया। इस हमले में सीआरपीएफ के कई जवान घायल हुए थे। हमलावरों ने अत्याधुनिक हथियारों और स्वदेशी रूप से निर्मित बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) का उपयोग किया। धर्मावरम कैंप के अलावा, माओवादियों ने पास के चिंतावागु और पामेड़ स्थित अन्य दो सीआरपीएफ कैंपों पर भी समन्वित तरीके से हमला किया था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इन हमलों का उद्देश्य सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाना और उनके हथियार लूटना था।
एनआईए द्वारा प्रस्तुत पूरक चार्जशीट में गिरफ्तार आरोपियों में आवलम भीमा, मड़काम नंदा और मड़काम देवा उर्फ रतन शामिल हैं। वहीं, फरार आरोपियों में एक विशेष क्षेत्रीय समिति का सदस्य भी है, जो माओवादी संगठन में एक महत्वपूर्ण पद पर है। सभी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
इस पूरक चार्जशीट के साथ ही इस मामले में कुल आरोपियों की संख्या 23 हो गई है। पहले ही, एनआईए ने जून 2025 में 17 माओवादियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में यह भी सामने आया है कि माओवादी संगठन ने हमले से पहले टारगेट कैंपों की डमी प्रतिकृति तैयार की थी और हमले से पूर्व कैंपों की रेकी भी की थी।
एनआईए ने अपनी जांच में पाया कि हमलावरों के पास प्रतिबंधित हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री से भरी बीजीएल शेल मौजूद थे। एनआईए ने 9 फरवरी 2024 को इस मामले को अपने अधीन लिया था और 21 नामित आरोपियों के साथ 250-300 अज्ञात सशस्त्र माओवादी कैडरों के खिलाफ केस दर्ज किया था। एजेंसी इस समय माओवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से अपनी जांच जारी रखे हुए है।