क्या छत्तीसगढ़ के कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर माओवादियों ने आईईडी ब्लास्ट कर 11 जवानों को घायल किया?

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क्या छत्तीसगढ़ के कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर माओवादियों ने आईईडी ब्लास्ट कर 11 जवानों को घायल किया?

सारांश

छत्तीसगढ़ के बस्तर में माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोटों में 11 जवान घायल हुए हैं। यह घटना सुरक्षा बलों की संयुक्त एंटी-नक्सल टीम को निशाना बनाकर की गई। क्या यह घटना माओवादियों की बढ़ती सक्रियता का संकेत है?

Key Takeaways

  • 11 जवान घायल हुए हैं।
  • आईईडी विस्फोट माओवादियों द्वारा किए गए।
  • सुरक्षा बलों ने तलाशी और बचाव अभियान शुरू किया।
  • यह घटना छत्तीसगढ़ में नक्सल गतिविधियों का संकेत है।
  • घायलों की हालत स्थिर है।

रायपुर, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में बीजापुर-तेलंगाना सीमा के निकट कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में माओवादियों ने कई आईईडी विस्फोट किए, जिससे कम से कम 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। यह जानकारी पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को दी।

रविवार को हुए इस श्रृंखलाबद्ध विस्फोट में छत्तीसगढ़ पुलिस के डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और सीआरपीएफ की एलीट कोबरा यूनिट के जवानों की एक संयुक्त एंटी-नक्सल ऑपरेशन टीम को निशाना बनाया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, घायलों में 10 डीआरजी के और एक कोबरा यूनिट का जवान शामिल हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सा उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया कि ये धमाके कर्रेगुट्टा के घने पहाड़ी इलाके में सर्च ऑपरेशन के दौरान एक के बाद एक हुए, लेकिन उन्होंने घटना की अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। पुलिस ने कहा कि विस्तृत जानकारी बाद में जारी की जाएगी।

कर्रेगुट्टा पहाड़ियाँ लंबे समय से माओवादियों का एक महत्वपूर्ण ठिकाना रही हैं। पहला धमाका रविवार सुबह हुआ, जिसके बाद दोपहर तक अन्य विस्फोट भी हुए, जिनका उद्देश्य 26 जनवरी को राष्ट्रीय त्योहार से ठीक पहले लोगों को नुकसान पहुंचाना और दहशत फैलाना था।

घटना के बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान शुरू किया।

यह सब इस समय हो रहा है जब दक्षिणी छत्तीसगढ़ में माओवाद विरोधी प्रयास तेज हो गए हैं, जहां केंद्र और राज्य बलों के संयुक्त ऑपरेशनों से नक्सलियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में हाल के दिनों में काफी गतिविधि देखी गई है, जिसमें पहले हुई मुठभेड़ों और नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना शामिल है।

इसी बीच, प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि पहले कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र नक्सलियों का एक बड़ा गढ़ था, जिसे पिछले ऑपरेशन्स के दौरान सुरक्षा बलों ने खत्म कर दिया था। उनके सभी हथियार बनाने के केंद्र और ठिकाने नष्ट कर दिए गए थे और उस जगह पर 28 नक्सलियों को मार गिराया गया था। हालाँकि, कुछ समय बाद, वे फिर से वहां इकट्ठा होने में सफल रहे। हमारे जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाया तो उनके द्वारा लगाई गई आईईडी के विस्फोट होने से हमारे कुछ जवान घायल हुए हैं।

Point of View

नक्सलियों की सक्रियता में कमी नहीं आई है। यह सभी के लिए चिंता का विषय है।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

क्या कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में माओवादियों का गढ़ है?
हाँ, कर्रेगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र को लंबे समय से माओवादियों का एक सुरक्षित ठिकाना माना जाता है।
घायलों की संख्या कितनी है?
इस घटना में कम से कम 11 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।
क्या सभी घायल जवानों की हालत स्थिर है?
हाँ, सभी घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
क्या यह हमला राष्ट्रीय त्योहार से पहले हुआ?
हाँ, यह हमला 26 जनवरी को राष्ट्रीय त्योहार से ठीक पहले हुआ।
क्या सुरक्षा बलों ने प्रतिक्रिया दी है?
हाँ, सुरक्षा बलों ने घटना के बाद तुरंत बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान शुरू किया।
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