छत्तीसगढ़: आईईडी विस्फोट में एसटीएफ का जवान घायल, सुरक्षा निगरानी बढ़ाई गई
सारांश
Key Takeaways
- आईईडी धमाका बीजापुर में हुआ।
- एक एसटीएफ जवान घायल हुआ।
- घायल जवान को फर्स्ट ऐड और फिर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
- सुरक्षा बलों ने निगरानी बढ़ाई है।
- अधिकारियों ने जनता से सहयोग की अपील की है।
रायपुर/बीजापुर 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर क्षेत्र में सोमवार को एक आईईडी धमाके में स्पेशल टास्क फोर्स का एक जवान घायल हुआ। यह घटना उस समय हुई जब सुरक्षा बल एंटी-नक्सल ऑपरेशन के तहत कार्यरत थे।
यह विस्फोट एक जंगली क्षेत्र में हुआ, जहां सुरक्षा बल माओवादी गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सर्च ड्यूटी पर थे। अधिकारियों के अनुसार, जब एसटीएफ की टीम उस स्थान से गुजरी, तो नक्सलियों द्वारा लगाए गए एक प्रेशर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस फट गया, जिसके परिणामस्वरूप एलीट काउंटर-इंसर्जेंसी यूनिट का एक जवान घायल हो गया।
घायल जवान को मौके पर ही फर्स्ट ऐड दी गई और फिर उसे नजदीकी मेडिकल सेंटर में ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए एक हायर-लेवल हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जवान की स्थिति स्थिर है और वह चिकित्सा निगरानी में है। अब तक किसी जानलेवा स्थिति की जानकारी नहीं है।
यह धमाका बस्तर डिवीजन, विशेषकर बीजापुर में माओवादी विद्रोहियों के लगातार खतरे को उजागर करता है, जो लंबे समय से लेफ्ट-विंग एक्सट्रीमिस्ट का गढ़ माना जाता है। नक्सली अक्सर एंटी-इंसर्जेंसी ऑपरेशन में शामिल सुरक्षा काफिलों और पेट्रोलिंग दलों को निशाना बनाने के लिए आईईडी का उपयोग करते हैं।
धमाके के बाद सुरक्षाबलों ने आस-पास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। टीमें किसी भी अन्य आईईडी या संदिग्ध वस्तुओं की पहचान और उन्हें बेअसर करने के लिए गहन तलाशी ले रही हैं, जिससे आम जनता को कोई खतरा न हो।
अधिकारियों ने कहा कि इलाके में दबदबा बनाए रखने की गतिविधियां जारी हैं। माओवादी कैडर पर दबाव बनाए रखने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पेट्रोलिंग और मॉनिटरिंग को बढ़ा दिया गया है।
बीजापुर में यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़ में लेफ्ट-विंग एक्सट्रीमिज़्म को समाप्त करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। हाल के महीनों में एसटीएफ, डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड और केंद्रीय बलों के संयुक्त ऑपरेशन में तेज़ी आई है, जिससे कई हथियार बरामद हुए हैं, गिरफ्तारी हुई हैं और सरेंडर भी हुए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा ग्रिड मजबूत हो रहा है, जिससे नक्सली समूह के लिए ऑपरेशनल जगह धीरे-धीरे कम होती जा रही है। घायल एसटीएफ जवान को आवश्यक देखभाल मिल रही है, और आईईडी की जगह का पता लगाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए जांच चल रही है।
पुलिस ने दूर-दराज के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने में जनता से सहयोग की अपील की है। स्थानीय प्रशासन घायल जवानों और उनके परिवार के लिए सहायता प्रदान करने की योजना बना रहा है।