पश्चिम एशिया संकट: यूएई से 95 और कतर से 8-10 उड़ानें, भारत लौटे 8.43 लाख यात्री
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत के लिए उड़ानें जारी हैं।
- यूएई से लगभग 95 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है।
- कतर से 8-10 उड़ानों का संचालन संभव है।
- भारत लौटने वाले यात्रियों की संख्या 8.43 लाख तक पहुँच चुकी है।
- सरकार द्वारा नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन और नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते जिन देशों का हवाई क्षेत्र खुला है, वहां से भारत के लिए उड़ानें निरंतर संचालित हो रही हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि 28 फरवरी से अब तक लगभग 8.43 लाख यात्री खाड़ी क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं।
संयुक्त अरब अमीरात से भारत के लिए सीमित गैर-निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित की जा रही हैं। संचालन और सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए, गुरुवार को यहां से लगभग 95 उड़ानों के संचालन की उम्मीद जताई गई है।
कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है, जहां से कतर एयरवेज भारत के लिए करीब 8-10 उड़ानों का संचालन करने की संभावना है।
सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न हवाई अड्डों से भी भारत के लिए उड़ानें जारी हैं। बहरीन का हवाई क्षेत्र खुला है और गल्फ एयर भारत के लिए सीमित उड़ानों की योजना बना रही है। इसके साथ ही, सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट से भी विशेष उड़ानें संचालित की जा रही हैं।
हालांकि, कुवैत का हवाई क्षेत्र अभी बंद है। इस कारण, जज़ीरा एयरवेज और कुवैत एयरवेज दम्माम एयरपोर्ट के माध्यम से भारत के लिए विशेष उड़ानें चला रहे हैं। कुवैत से भारतीय नागरिकों की आवाजाही सऊदी अरब के माध्यम से की जा रही है।
ईरान में भारतीय दूतावास ने अब तक 2,180 भारतीयों को आर्मेनिया और अज़रबैजान पहुंचाने में सहायता की है, जहां से उनकी भारत वापसी की व्यवस्था की जा रही है। इनमें 981 छात्र और 657 मछुआरे शामिल हैं।
इज़रायल का हवाई क्षेत्र भी आंशिक रूप से खुला है, और सीमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। यहां से भारतीय नागरिकों को जॉर्डन और मिस्र के रास्ते भारत लाया जा रहा है।
इराक का हवाई क्षेत्र भी सीमित संचालन के साथ खुला है। यहां से भारतीयों की वापसी जॉर्डन और सऊदी अरब के जरिये की जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि स्थिति की निगरानी के लिए एक विशेष नियंत्रण कक्ष 24x7 काम कर रहा है, जो भारतीय मिशनों के साथ समन्वय बनाए हुए है। राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ भी लगातार संपर्क रखा जा रहा है।
भारतीय मिशन 24 घंटे हेल्पलाइन के जरिए नागरिकों की सहायता कर रहे हैं और समय-समय पर यात्रा, स्थानीय दिशा-निर्देशों और कांसुलर सेवाओं से संबंधित अपडेट जारी कर रहे हैं। इसके अलावा, भारतीय समुदाय, पेशेवर समूहों और कंपनियों के साथ भी निरंतर समन्वय बनाए रखा जा रहा है।