26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या छत्तीसगढ़ टेरर फंडिंग केस में एनआईए ने माओवादी संगठन के 3 सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट दायर की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या छत्तीसगढ़ टेरर फंडिंग केस में एनआईए ने माओवादी संगठन के 3 सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट दायर की?

सारांश

छत्तीसगढ़ में माओवादी फंडिंग पर एनआईए की बड़ी कार्रवाई! जानिए, किस तरह से तीन माओवादी सहयोगियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन से जुड़े ये लोग किस तरह से नक्सली गतिविधियों को बढ़ावा देते थे, जानें इस लेख में।

मुख्य बातें

एनआईए ने तीन माओवादी सहयोगियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की।
मूलवासी बचाओ मंच को 2024 में प्रतिबंधित किया गया।
रघु मिडियामी इस फंडिंग नेटवर्क का प्रमुख संचालक था।
फंडिंग माओवादी गतिविधियों के लिए की जा रही थी।
जांच अभी भी जारी है।

नई दिल्ली, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने छत्तीसगढ़ में नक्सली फंडिंग से संबंधित एक मामले में तीन माओवादी सहयोगियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। ये तीनों आरोपी प्रतिबंधित संगठन मूलवासी बचाओ मंच (एमबीएम) से जुड़े हैं, जिसे अक्टूबर 2024 में छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम 2005 की धारा 3(1) के अंतर्गत प्रतिबंधित किया था।

कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट में आरोपियों के नाम गजेंद्र माड़वी, लक्ष्मण कुंजम और रघु मिडियामी हैं। ये सभी पहले से ही इस मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इन पर नक्सली संगठन सीपीआई (माओवादी) के लिए आर्थिक सहायता जुटाने, उसे इकट्ठा करने और वितरित करने का आरोप है।

यह मामला आरसी-02/2023/एनआईए/रायपुर के तहत दर्ज है और इसकी शुरुआत मार्च 2023 में बीजापुर पुलिस की कार्रवाई से हुई थी। उस समय गजेंद्र माड़वी और लक्ष्मण कुंजाम नामक दो ओवरग्राउंड वर्कर्स को बीजापुर जिले में ६ लाख रुपए नकद के साथ गिरफ्तार किया गया था। वे यह राशि विभिन्न बैंक खातों में जमा करने जा रहे थे, जैसा कि उन्हें सीपीआई (माओवादी) के नेताओं द्वारा निर्देशित किया गया था।

इसके बाद, इस मामले की जांच फरवरी 2024 में एनआईए ने अपने हाथ में ली। जांच में सामने आया कि तीसरा आरोपी रघु मिडियामी, जो मूलवासी बचाओ मंच के बस्तर डिविजन का अध्यक्ष था, इस पूरे फंडिंग नेटवर्क का प्रमुख संचालक था।

एनआईए की जांच के अनुसार, रघु मिडियामी न केवल फंड इकट्ठा करता था, बल्कि उसका भंडारण और वितरण भी करता था। इन पैसों का इस्तेमाल माओवादी संगठन द्वारा सुरक्षा कैंपों की स्थापना का विरोध करने और सरकारी विकास योजनाओं को बाधित करने जैसी गतिविधियों के लिए किया जाता था।

एनआईए ने बताया कि ये अवैध फंडिंग मूलवासी बचाओ मंच जैसे फ्रंटल संगठनों के जरिए माओवादी संगठन को भेजी जाती थी और रघु मिडियामी स्थानीय स्तर पर फंड वितरित करने में नोडल व्यक्ति की भूमिका निभा रहा था।

एनआईए ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और अन्य सहयोगियों और फंडिंग नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान और कार्रवाई की प्रक्रिया की जा रही है।

यह मामला माओवादी संगठनों की वित्तीय जड़ों को उखाड़ फेंकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विकास योजनाओं को भी गति देते हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने कब चार्जशीट दायर की?
एनआईए ने २५ अगस्त को चार्जशीट दायर की।
कितने माओवादी सहयोगियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई?
तीन माओवादी सहयोगियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है।
मूलवासी बचाओ मंच कब प्रतिबंधित हुआ?
मूलवासी बचाओ मंच को अक्टूबर 2024 में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रतिबंधित किया।
क्या यह मामला माओवादी संगठनों की वित्तीय जड़ों को उखाड़ने में मदद करेगा?
जी हां, यह मामला माओवादी संगठनों की वित्तीय गतिविधियों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
क्या एनआईए की जांच अभी जारी है?
हाँ, एनआईए की जांच अभी भी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले