नीट यूजी 2026 पेपर लीक: BJP प्रवक्ता आरपी सिंह बोले — CBI जांच जारी, दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता आरपी सिंह ने 14 मई 2026 को नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस मामले की जांच कर रही है और सरकार की ओर से कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही। उन्होंने आश्वासन दिया कि निष्पक्ष जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
मुख्य घटनाक्रम
आरपी सिंह ने कहा कि नीट पेपर लीक का यह मामला अत्यंत गंभीर है और सरकार न केवल मौजूदा मामले की जांच करा रही है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
केजरीवाल पर BJP का पलटवार
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल के बयानों पर सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 'शरारतपूर्ण बयान देने से लोकतंत्र आगे नहीं बढ़ता।' उनके अनुसार, राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील मुद्दों का दुरुपयोग करना देश के हित में नहीं है।
PM मोदी की अपील और काफिला कटौती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सादगी की अपील का उल्लेख करते हुए सिंह ने बताया कि मोदी ने स्वयं अपने वाहनों का काफिला 12 से घटाकर 2 कर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्री भी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर रहे हैं, जिससे देशभर में एक सकारात्मक संदेश गया है।
चीनी निर्यात पर रोक और किसान हित
सिंह ने बताया कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में इस वर्ष अत्यधिक वर्षा के कारण गन्ने की खेती प्रभावित हुई, जिससे समग्र उत्पादन में कमी आई। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने निर्णय लिया कि इस वर्ष चीनी का निर्यात नहीं किया जाएगा, ताकि घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित रहे और कीमतें न बढ़ें।
हिजाब विवाद पर BJP का रुख
कर्नाटक सरकार द्वारा शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब को अनुमति देने के फैसले पर सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार वोट बैंक की राजनीति के चलते शिक्षण संस्थाओं से समझौता कर रही है। उनके अनुसार यह छूट 'कानूनी और सामाजिक दोनों दृष्टियों से उचित नहीं है।' गौरतलब है कि हिजाब का मुद्दा पहले भी कर्नाटक में राजनीतिक विवाद का केंद्र रहा है और सर्वोच्च न्यायालय में इससे संबंधित याचिकाएँ विचाराधीन हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर देशभर के छात्र और अभिभावक चिंतित हैं। CBI जांच के नतीजे आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि लीक की जड़ें कहाँ तक फैली हैं और जवाबदेही कहाँ तय होती है।