जूड बेलिंघम: 16 साल में बर्मिंघम के सबसे युवा खिलाड़ी, जिनके सम्मान में रिटायर हुई जर्सी नंबर-22
सारांश
मुख्य बातें
इंग्लैंड के स्टार मिडफील्डर जूड विक्टर विलियम बेलिंघम आज दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली फुटबॉलरों में शुमार किए जाते हैं। फीफा वर्ल्ड कप 2022 और यूईएफए यूरो 2020 व 2024 में 'थ्री लायंस' की नुमाइंदगी कर चुके बेलिंघम ने महज 22 वर्ष की आयु में वह मुकाम हासिल किया है, जो कई खिलाड़ी पूरे करियर में नहीं कर पाते। उनके पूर्व क्लब बर्मिंघम सिटी ने उनके सम्मान में जर्सी नंबर-22 को हमेशा के लिए रिटायर कर दिया — इंग्लिश फुटबॉल में यह एक दुर्लभ सम्मान है।
शुरुआती जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
29 जून 2003 को स्टॉरब्रिज, यूनाइटेड किंगडम में जन्मे जूड के पिता मार्क बेलिंघम आयरिश और अंग्रेजी मूल के अर्ध-पेशेवर फुटबॉलर थे, जबकि माँ डेनिस अफ्रीकी मूल की हैं। पिता की फुटबॉल विरासत का असर जूड और उनके छोटे भाई जोबे दोनों पर पड़ा — दोनों ने इस खेल को ही अपना जीवन बना लिया।
जूड ने प्रायर स्कूल में पढ़ाई की, जहाँ उन्हें फुटबॉल का पहला संगठित मंच मिला। जिनेदिन जिदान, वेन रूनी और स्टीवन जेरार्ड को अपना आदर्श मानने वाले जूड ने पढ़ाई के साथ-साथ खेल जारी रखा और 2021 में लॉफबोरो कॉलेज से स्पोर्ट्स में बीटीईसी (बिजनेस एंड टेक्नोलॉजी एजुकेशन काउंसिल) की डिग्री हासिल की।
अकादमी से पहली टीम तक का सफर
2009 में बेलिंघम स्टॉरब्रिज जूनियर्स से जुड़े। अगले ही साल बर्मिंघम सिटी की अंडर-8 टीम ने उनकी प्रतिभा को पहचाना। रफ्तार ऐसी थी कि महज 14 साल की उम्र में वह अंडर-18 टीम में जगह बना चुके थे और 16 साल से पहले ही अंडर-23 में चुन लिए गए।
16 साल 38 दिन की उम्र में बर्मिंघम सिटी की सीनियर टीम में डेब्यू कर वह क्लब के सबसे युवा खिलाड़ी बने — यह रिकॉर्ड अगस्त 2025 तक कायम रहा। इसी अवधि तक वह क्लब के सबसे युवा गोल स्कोरर भी थे। ईएफएल चैंपियनशिप में उनके प्रदर्शन ने पूरे इंग्लिश फुटबॉल का ध्यान खींचा, और नवंबर 2019 में उन्हें इंग्लिश फुटबॉल लीग का 'यंग प्लेयर ऑफ द मंथ' चुना गया।
2019-20 सीजन के अंत में उन्हें 'ईए स्पोर्ट्स यंग प्लेयर ऑफ द सीजन' और एलएफई (लीग फुटबॉल एजुकेशन) चैंपियनशिप अप्रेंटिस ऑफ द ईयर के खिताब से नवाजा गया।
बोरुसिया डॉर्टमुंड और जर्सी नंबर-22 की विदाई
जुलाई 2020 में जर्मन क्लब बोरुसिया डॉर्टमुंड ने बेलिंघम को 25 मिलियन पाउंड में साइन किया। जब यह तय हुआ कि जूड मैनचेस्टर यूनाइटेड की जगह डॉर्टमुंड का रुख करेंगे, तो बर्मिंघम सिटी ने उनकी जर्सी नंबर-22 को सेवानिवृत्त कर दिया — यह सम्मान इंग्लिश फुटबॉल में बेहद कम खिलाड़ियों को मिलता है।
14 सितंबर 2020 को डीएफबी-पोकल नॉकआउट टूर्नामेंट में डॉर्टमुंड के लिए पहले ही मैच में गोल दागकर उन्होंने अपनी धमाकेदार शुरुआत की। डॉर्टमुंड के लिए उन्होंने 132 मैच खेले, 24 गोल किए और 25 असिस्ट दिए। 2020-21 सीजन में क्लब के साथ जर्मन कप भी अपने नाम किया।
अंतरराष्ट्रीय करियर
बेलिंघम ने इंग्लैंड अंडर-16 और अंडर-17 टीमों से अपने अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत की और दोनों टीमों की कप्तानी भी की। 12 नवंबर 2020 को महज 17 साल की उम्र में आयरलैंड के खिलाफ एक मैत्रीपूर्ण मैच में सीनियर टीम में डेब्यू किया। वह यूरो 2020 के फाइनल तक पहुँचने वाली इंग्लैंड टीम का हिस्सा रहे और फीफा वर्ल्ड कप 2022 में भी 'थ्री लायंस' के लिए मैदान में उतरे। यूईएफए यूरो 2024 में भी उनकी उपस्थिति ने टीम को मजबूती दी।
खेल की विशेषता और भविष्य
मिडफील्ड में आक्रमण और रक्षा का दुर्लभ संतुलन साधने वाले बेलिंघम की पासिंग, ड्रिब्लिंग, गेम रीडिंग और नेतृत्व क्षमता उन्हें इंग्लैंड का सबसे भरोसेमंद मिडफील्डर बनाती है। गौरतलब है कि महज 22 वर्ष की आयु में ही उन्होंने वह मुकाम पाया है जो कई वरिष्ठ खिलाड़ी दशकों में हासिल करते हैं। आने वाले वर्षों में वह इंग्लैंड और विश्व फुटबॉल दोनों में और बड़े कीर्तिमान स्थापित करने की क्षमता रखते हैं।