जर्मन डिफेंडर निकलास सुले 30 में रिटायरमेंट लेंगे, क्रूसिएट लिगामेंट की तीसरी चोट का डर

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जर्मन डिफेंडर निकलास सुले 30 में रिटायरमेंट लेंगे, क्रूसिएट लिगामेंट की तीसरी चोट का डर

सारांश

निकलास सुले के 30 में रिटायरमेंट का फैसला केवल उम्र का नहीं, बल्कि आवर्ती चोटों का मनोवैज्ञानिक टूटन है। हॉफेनहाइम मैच में तीसरी क्रूसिएट लिगामेंट चोट की आशंका ने एक शानदार डिफेंडर को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या ट्रॉफियाँ और रिकॉर्ड जीवन की सरलता से ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं।

मुख्य बातें

निकलास सुले 30 साल की उम्र में बोरुसिया डॉर्टमुंड से रिटायरमेंट लेंगे।
अप्रैल में हॉफेनहाइम के खिलाफ मैच में घुटने की चोट के बाद तीसरी क्रूसिएट लिगामेंट फटने का डर उनका मुख्य कारण।
बुंडेसलीगा में 299 मैच खेलते हुए 5 बार चैंपियनशिप जीती; 2020 में बायर्न की ट्रेबल टीम का हिस्सा।
जर्मनी के लिए 49 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले; 2 विश्व कप और 2017 कन्फेडरेशन्स कप जीता।
सुले ने कहा कि एमआरआई से टियर न पाए जाने के बाद उन्हें यकीन हो गया कि अब समय आ गया है।

म्यूनिख, 7 मई। यूईएफए चैंपियंस लीग के विजेता निकलास सुले ने 30 साल की उम्र में अचानक सेवानिवृत्ति की घोषणा कर दी है। जर्मन इंटरनेशनल डिफेंडर इस सीजन के समापन के बाद बोरुसिया डॉर्टमुंड के साथ अपना शानदार क्लब करियर समाप्त करेंगे। बार-बार की चोटों के डर, विशेषकर तीसरी बार क्रूसिएट लिगामेंट के फटने की आशंका ने इस 5 बार के बुंडेसलीगा चैंपियन को अपने भविष्य के बारे में अंतिम फैसला लेने के लिए प्रेरित किया।

चोट का सदमा और फैसले का पल

सुले ने 'प्लेमेकर' पॉडकास्ट पर विस्तार से बताया कि वह कुछ समय से रिटायरमेंट के विकल्प पर विचार कर रहे थे, लेकिन अप्रैल के मध्य में हॉफेनहाइम के खिलाफ मैच के दौरान जब उनके घुटने में तेज़ चोट लगी और उन्हें तीसरी बार क्रूसिएट लिगामेंट फटने का गंभीर संदेह हुआ, तब उन्होंने यह निर्णायक कदम उठा लिया। ड्रेसिंग रूम में डॉक्टर के ड्रॉअर टेस्ट और फिजियोथेरेपिस्ट की जाँच से रेजिस्टेंस न मिलने पर सुले का मानसिक संकट गहरा गया।

भावनात्मक क्षण और अहसास

सुले ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, "जब डॉक्टर ने मेरा ड्रॉअर टेस्ट किया, फिर फिजियो की तरफ देखा और सिर हिलाया, और फिजियो ने भी कहा कि कोई रेजिस्टेंस महसूस नहीं हो रहा है, तो उस पल मैं पूरी तरह टूट गया। मैं शॉवर में गया और करीब 10 मिनट तक रोता रहा।" अगले दिन जब एमआरआई से पता चला कि यह क्रूसिएट लिगामेंट का टियर नहीं है, तब सुले को एक अलग ही एहसास हुआ। उन्होंने कहा, "उस पल मेरे लिए सब कुछ पूरी तरह साफ हो गया। मुझे हजार फीसदी यकीन हो गया कि अब यह अध्याय खत्म हो चुका है।"

करियर की शानदार विरासत

सुले का क्लब फुटबॉल में करियर असाधारण रहा है। उन्होंने हॉफेनहाइम, बायर्न म्यूनिख और डॉर्टमुंड के लिए बुंडेसलीगा में कुल 299 मैच खेलते हुए 5 बार चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती हैं। वह 2020 में बायर्न की 'ट्रेबल' टीम का अभिन्न अंग थे, जब क्लब ने एक ही सीज़न में तीन प्रमुख खिताब जीते थे। 17 साल की उम्र में सीनियर डेब्यू के बाद से, चोटें उनके करियर में लगातार बाधा बनी रहीं — दो बार एसीएल (अग्रिम क्रूसिएट लिगामेंट) की गंभीर चोटें और उसके बाद फिटनेस से जुड़ी समस्याओं ने इस लंबे-चौड़े सेंटर-बैक के प्रदर्शन को प्रभावित किया।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर योगदान

सुले ने अपने करियर में जर्मनी के लिए 49 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। वह 2 फीफा विश्व कप का हिस्सा रहे और 2017 में फीफा कन्फेडरेशन्स कप जीतने वाली जर्मन टीम में भी शामिल थे। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की यह विरासत उन्हें यूरोपीय फुटबॉल के सबसे सम्मानित डिफेंडरों में से एक के रूप में स्थापित करती है।

जीवन की नई शुरुआत

सुले ने अपने फैसले को जीवन की गुणवत्ता के संदर्भ में भी समझाया। उन्होंने कहा कि वह आजादी से जीने, छुट्टियाँ मनाने और अपने बच्चों के साथ समय बिताने के लिए उत्सुक हैं। इस रिटायरमेंट का निर्णय न केवल शारीरिक चोटों के डर से, बल्कि जीवन के प्रति एक नए दृष्टिकोण से भी प्रेरित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तीसरी चोट की आशंका केवल शारीरिक नहीं, बल्कि अस्तित्वगत भय बन जाती है। यह फैसला 'खेल जारी रखो, दर्द सहो' की परंपरागत मानसिकता को चुनौती देता है। सुले का साहस यह है कि उन्होंने बताया कि शॉवर में 10 मिनट रोने के बाद भी उन्होंने अपनी मानसिक शांति को ट्रॉफियों से ऊपर रखा। यह निर्णय फुटबॉल के भीतर एक नई बातचीत शुरू करता है: क्या खिलाड़ियों को अपनी जान और आजीवन स्वास्थ्य की कीमत पर खेलना चाहिए?
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निकलास सुले ने 30 साल की उम्र में रिटायरमेंट क्यों लिया?
सुले ने हॉफेनहाइम के खिलाफ अप्रैल के मैच में घुटने की चोट के बाद तीसरी बार क्रूसिएट लिगामेंट फटने की गंभीर आशंका जताई। ड्रेसिंग रूम में डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट के परीक्षण से रेजिस्टेंस न मिलने पर उन्होंने मानसिक रूप से टूट गए और अंततः रिटायरमेंट का फैसला ले लिया।
क्या सुले की क्रूसिएट लिगामेंट वास्तव में फट गई थी?
नहीं, अगले दिन एमआरआई से पता चला कि क्रूसिएट लिगामेंट का टियर नहीं हुआ था। लेकिन सुले ने कहा कि इस घटना ने उन्हें एहसास करा दिया कि आगे के जीवन में इस तरह की चोटों का सामना करने का मानसिक सामर्थ्य उनमें नहीं रह गया है।
निकलास सुले के करियर में कितने खिताब और मैच हैं?
सुले ने बुंडेसलीगा में कुल 299 मैच खेलते हुए 5 बार चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती। वह 2020 में बायर्न की ट्रेबल टीम का हिस्सा थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जर्मनी के लिए 49 मैच खेले, 2 विश्व कप और 2017 कन्फेडरेशन्स कप जीता।
सुले को पहले कितनी बार क्रूसिएट लिगामेंट की चोट लगी थी?
सुले को पहले 2 बार क्रूसिएट लिगामेंट (एसीएल) की गंभीर चोटें लगी थीं, जिसके बाद वह लंबे समय तक फिटनेस से जुड़ी समस्याओं से जूझते रहे। यही कारण है कि हॉफेनहाइम मैच में तीसरी चोट की आशंका उनके लिए इतनी भावनात्मक रही।
राष्ट्र प्रेस
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