पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, सभी पंपों पर पर्याप्त स्टॉक; रसोई गैस आपूर्ति 100% सुनिश्चित: केंद्र सरकार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 14 मई 2026 को स्पष्ट किया कि देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने अपनी दैनिक ब्रीफिंग में यह भी बताया कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद घरेलू रसोई गैस, पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की 100 प्रतिशत आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है।
ईंधन कीमतें और उपलब्धता की स्थिति
सरकारी तेल विपणन कंपनियों के सभी बिक्री केंद्रों पर पेट्रोल और डीजल की दरें अपरिवर्तित बनी हुई हैं। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर खरीदारी से बचें और ऊर्जा की बचत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। अधिकारियों ने कहा, 'अफवाहों से बचें और सही जानकारी के लिए केवल सरकारी स्रोतों पर भरोसा करें।'
रसोई गैस वितरण के आंकड़े
पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में करीब 1.90 लाख पाँच किलोग्राम वाले छोटे रसोई गैस सिलेंडर बेचे गए, जिनमें से अकेले बुधवार को 67,600 से अधिक सिलेंडरों की बिक्री हुई। इसी अवधि में 1.40 करोड़ बुकिंग के सापेक्ष 1.39 करोड़ सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुँचाए गए।
पाइप गैस कनेक्शन का विस्तार
1 मार्च 2026 से अब तक करीब 7.03 लाख पाइप गैस कनेक्शनों में आपूर्ति शुरू की जा चुकी है। अतिरिक्त 2.72 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढाँचा तैयार कर लिया गया है, जिससे कुल 9.75 लाख कनेक्शनों का ढाँचा पूरा हो चुका है। 7.49 लाख ग्राहकों ने नए पाइप गैस कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। गौरतलब है कि 13 मई तक 57,200 से अधिक पाइप गैस उपभोक्ताओं ने mypngd.in वेबसाइट के माध्यम से अपने रसोई गैस कनेक्शन वापस कर दिए हैं।
गैस एजेंसियों पर कार्रवाई
सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने रसोई गैस वितरकों की अचानक जाँच तेज कर दी है। बुधवार तक 401 गैस एजेंसियों पर जुर्माना लगाया गया, जबकि 76 गैस एजेंसियों को निलंबित किया जा चुका है। यह कार्रवाई कालाबाज़ारी और अनियमित वितरण पर लगाम लगाने के लिए की गई है।
उद्योग जगत को एलपीजी आपूर्ति
दवा, रसायन और पेंट उद्योग की कंपनियों के लिए प्रतिदिन 1,120 मीट्रिक टन एलपीजी पूल से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। 1 मई 2026 से अब तक मुंबई, कोच्चि, विशाखापत्तनम, चेन्नई, मथुरा और गुजरात रिफाइनरियों से इन उद्योगों को 6,700 मीट्रिक टन से अधिक सी3-सी4 अणु और 2,800 मीट्रिक टन से अधिक ब्यूटाइल एक्रिलेट की आपूर्ति की जा चुकी है। आने वाले दिनों में सरकार आपूर्ति निगरानी और वितरक जाँच को और सघन करने की योजना बना रही है।