वेब सीरीज 'लुक्खे' विवाद: योगराज सिंह को पंजाब महिला आयोग का नोटिस, FIR और बैन की माँग
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता और अभिनेता योगराज सिंह अमेज़न पर स्ट्रीम हो रही वेब सीरीज 'लुक्खे' में महिलाओं के विरुद्ध कथित तौर पर अपमानजनक और अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर गंभीर विवाद में घिर गए हैं। पंजाब राज्य महिला आयोग ने इस मामले में 14 मई को नोटिस जारी करते हुए तत्काल जाँच के आदेश दिए हैं।
आयोग की कार्रवाई
पंजाब राज्य महिला आयोग ने 'पंजाब स्टेट कमीशन फॉर विमेन एक्ट, 2001' की धारा-12 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए पंजाब पुलिस के डीजीपी को पत्र लिखा है। आयोग ने तुरंत जाँच शुरू करने के निर्देश दिए हैं और एक सप्ताह के भीतर जाँच रिपोर्ट सौंपने की माँग की है।
आयोग ने अभिनेता योगराज सिंह के साथ-साथ वेब सीरीज के लेखक, निर्देशक, निर्माता और अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की माँग की है। इसके अतिरिक्त, सेंसर बोर्ड से भी इस कंटेंट की जाँच कराने का अनुरोध किया गया है।
पुलिस शिकायत और राजनीतिक दबाव
वेब सीरीज में बोले गए संवादों को लेकर एडवोकेट उज्जवल भसीन ने योगराज सिंह और अन्य के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी पंजाब राज्य महिला आयोग को शिकायत पत्र भेजा है।
कांग्रेस ने माँग की है कि योगराज सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और पूरी वेब सीरीज 'लुक्खे' पर प्रतिबंध लगाया जाए। पार्टी ने इस मामले को भारतीय न्याय संहिता की धारा-79 और महिलाओं के संवैधानिक सम्मान के अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
धार्मिक आस्था बनाम आचरण का सवाल
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि योगराज सिंह स्वयं को अमृतधारी सिख और गुरसिख बताते हैं, फिर भी उन्होंने ऐसी भाषा का प्रयोग किया जो महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाती है और सिख सिद्धांतों के भी विरुद्ध मानी जाती है। आलोचकों का कहना है कि यह विरोधाभास इस विवाद को और अधिक गंभीर बनाता है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो क्लिप में योगराज सिंह द्वारा महिलाओं के लिए इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर व्यापक आलोचना हो रही है। 'लुक्खे' अमेज़न प्राइम पर स्ट्रीम हो रही है और यह विवाद ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कंटेंट नियमन के व्यापक सवाल को भी सामने लाता है।
आगे क्या होगा
आयोग द्वारा तय एक सप्ताह की समयसीमा के भीतर पुलिस को जाँच रिपोर्ट सौंपनी होगी। यह मामला ओटीटी कंटेंट में महिलाओं के चित्रण और सेंसर बोर्ड की भूमिका पर नई बहस छेड़ सकता है।