बड़ा फैसला: 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' वेब सीरीज पर केंद्र ने लगाई रोक, Zee5 को जारी किया आदेश
सारांश
Key Takeaways
- केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने Zee5 को 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' वेब सीरीज रिलीज न करने का आदेश दिया।
- मंत्रालय ने 27 अक्टूबर 2025 के ओटीटी दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए गैंगस्टर महिमामंडन पर चिंता जताई।
- पंजाब पुलिस ने भी सरकार को सूचित किया था कि इस सीरीज की रिलीज से सामाजिक व्यवस्था बिगड़ सकती है।
- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में PIL दाखिल की और PM मोदी को पत्र लिखकर प्रतिबंध की मांग की थी।
- मंत्रालय ने कहा कि इस प्रकार की सीरीज युवाओं को आपराधिक जीवनशैली की ओर आकर्षित कर सकती है।
- Zee5 की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है; हाईकोर्ट में अगली सुनवाई का इंतजार है।
चंडीगढ़, 24 अप्रैल 2025 — केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025 को ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 को पत्र लिखकर 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' वेब सीरीज की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है। मंत्रालय का कहना है कि गैंगस्टरों को महिमामंडित करने वाली इस सीरीज से समाज में अपराध को बढ़ावा मिल सकता है और युवा वर्ग गुमराह हो सकता है।
मंत्रालय ने क्यों लगाई रोक?
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपने पत्र में 27 अक्टूबर 2025 को जारी ओटीटी दिशानिर्देशों का हवाला दिया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि गैंगस्टरों और अपराधियों पर आधारित वेब सीरीज को रिलीज करने से पहले पूरे विवेक का उपयोग किया जाना चाहिए।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस प्रकार की वेब सीरीज में आपराधिक घटनाओं को सामान्य या आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे युवा पीढ़ी भटक सकती है। पंजाब पुलिस ने भी मंत्रालय को सूचित किया था कि इस सीरीज की रिलीज से सामाजिक व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
कांग्रेस नेता वारिंग की भूमिका
पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने मंत्रालय का यह पत्र अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर यह स्वीकार नहीं करेंगे कि पंजाब के नाम को गैंगस्टरों के महिमामंडन से जोड़ा जाए।
वारिंग ने बताया कि उन्होंने इससे पहले पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले में जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर इस वेब सीरीज पर रोक लगाने की मांग की थी। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर इस सीरीज पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया था।
पंजाब की पहचान और गैंगस्टर संस्कृति का विरोध
अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा, "पंजाब गुंडागर्दी की संस्कृति नहीं है। पंजाब साहस, कड़ी मेहनत और आत्मसम्मान की राह पर चलने वाला राज्य है।" उनका यह बयान उस व्यापक बहस को दर्शाता है जो पंजाब में बढ़ती गैंगस्टर संस्कृति और उसके मीडिया में महिमामंडन को लेकर चल रही है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में पंजाब से जुड़े कई गैंगस्टरों — जिनमें लॉरेंस बिश्नोई का नाम प्रमुख है — पर आधारित कंटेंट ओटीटी और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इससे न केवल पंजाब की छवि प्रभावित हुई है, बल्कि युवाओं में इन अपराधियों के प्रति एक 'हीरो इमेज' बनने का खतरा भी पैदा हुआ है।
ओटीटी नियमन और व्यापक संदर्भ
यह मामला उस समय सामने आया है जब केंद्र सरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण कसने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। अक्टूबर 2025 में जारी ओटीटी दिशानिर्देश इसी प्रयास का हिस्सा हैं, जिनके तहत प्लेटफॉर्म्स को संवेदनशील और समाज-विरोधी कंटेंट प्रसारित करने से पहले विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भी इससे पहले कई वेब सीरीज और फिल्मों पर इसी तरह की आपत्तियां उठाई गई हैं। लेकिन 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' का मामला इसलिए अधिक संवेदनशील है क्योंकि यह एक कथित सक्रिय गैंगस्टर के जीवन पर आधारित बताया जा रहा है, जो अभी भी कई आपराधिक मामलों में वांछित है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल Zee5 की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल PIL पर सुनवाई की अगली तारीख का इंतजार है। यदि अदालत भी रोक की पुष्टि करती है, तो यह ओटीटी कंटेंट नियमन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण न्यायिक मिसाल बन सकती है।