योगराज सिंह के खिलाफ एफआईआर की मांग: वकील उज्जवल भसीन ने चंडीगढ़ एसएसपी को दी शिकायत
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ के वकील उज्जवल भसीन ने 14 मई 2025 को एसएसपी चंडीगढ़ के समक्ष पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की। यह मामला 8 मई को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई वेब सीरीज 'लुक्खे' में योगराज सिंह द्वारा एक महिला पुलिस अधिकारी के किरदार के संदर्भ में दिए गए विवादास्पद बयान से उपजा है।
शिकायत का आधार
भसीन ने बताया कि वेब सीरीज में योगराज सिंह ने एक ऐसे किरदार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया है जो कार्यस्थल पर जाने वाली महिलाओं का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, 'लुक्खे' में दिखाई गई महिला पुलिस अधिकारी का किरदार चंडीगढ़ पुलिस की वर्दी में है और उस किरदार का नाम गुरबानी कौर है — एक नाम जो धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है।
भसीन के अनुसार, 'जो महिलाएं सुबह काम पर जाती हैं और शाम को घर लौटकर परिवार की देखभाल करती हैं — वे हमारी माँ, बहन, पत्नी और बेटी हो सकती हैं। उनके खिलाफ इस तरह का बयान अस्वीकार्य है।'
एसएसपी से कार्रवाई की उम्मीद
भसीन ने बताया कि उनकी शिकायत पर अब तक किसी विभाग से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। हालांकि उन्हें भरोसा है कि चंडीगढ़ की एसएसपी — जो स्वयं एक महिला अधिकारी हैं और अपने कार्य के प्रति समर्पण के कारण एक वर्ष का सेवा विस्तार पा चुकी हैं — शीघ्र कार्रवाई करेंगी।
उन्होंने कहा कि यदि एसएसपी एफआईआर दर्ज नहीं करतीं, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने महिला आयोग को भी पत्र लिखकर स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है।
निर्देशक पर भी कार्रवाई की मांग
भसीन ने अपनी मांग को सिर्फ योगराज सिंह तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने वेब सीरीज के निर्देशक के खिलाफ भी एफआईआर और सीरीज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की सामग्री को प्रसारित होने देना महिलाओं की गरिमा के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।
व्यापक सामाजिक संदेश
भसीन ने इस विवाद को केवल चंडीगढ़ तक सीमित नहीं माना। उनके अनुसार, यह बयान देशभर में कार्यरत महिलाओं की गरिमा पर आघात है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बयान के बाद योगराज सिंह की छवि एक आदर्श क्रिकेट प्रशिक्षक के रूप में प्रभावित होगी — कोई भी अभिभावक अपने बच्चे को ऐसे व्यक्ति के पास प्रशिक्षण के लिए भेजने से पहले दो बार सोचेगा।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर महिला-विरोधी सामग्री को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हो रही है। अब देखना यह है कि पुलिस और महिला आयोग इस शिकायत पर क्या रुख अपनाते हैं।