क्या दिल्ली के कालकाजी मंदिर में चुन्नी प्रसाद को लेकर झगड़े में एक की मौत हुई?

सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली के कालकाजी मंदिर में हुई हिंसा ने एक व्यक्ति की जान ली।
- योगेंद्र सिंह, जो मंदिर में सेवादार थे, पर हमला किया गया।
- पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है।
- हिंसा के कारणों की जांच की जा रही है।
- अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के कालकाजी मंदिर में चुन्नी प्रसाद को लेकर हुई बहस के बाद एक व्यक्ति की जान चली गई। यह जानकारी पुलिस ने शनिवार को दी।
घटना शुक्रवार रात को हुई, जब एक समूह ने पीड़ित से झगड़ा किया। मृतक की पहचान 35 वर्षीय योगेंद्र सिंह के रूप में हुई, जो पिछले 14-15 वर्षों से मंदिर में 'सेवादार' के रूप में कार्यरत थे। मृतक का संबंध उत्तर प्रदेश के हरदोई स्थित फत्तेपुर से था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात लगभग 9:30 बजे एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1)/3(5) के तहत एफआईआर नंबर 515/25 दर्ज की गई है।
पुलिस ने खुलासा किया कि इस मामले में शामिल एक आरोपी, अतुल पांडे (30), जो दक्षिणपुरी, दिल्ली का निवासी है, को जनता ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। हालांकि, अन्य आरोपी अब तक फरार हैं।
पुलिस ने कहा कि अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें पकड़ने के लिए प्रयास जारी हैं।
जांच में यह सामने आया कि आरोपी मंदिर में दर्शन के लिए आया था। पूजा के बाद, उसने योगेंद्र सिंह से चुन्नी प्रसाद मांगा। जब सिंह ने मना किया, तो उनके बीच झगड़ा हो गया। गुस्से में, आरोपी अतुल और उसके साथियों ने सिंह पर लाठियों और मुक्कों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
योगेंद्र को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने जानकारी दी कि जांच जारी है और अधिक जानकारी का इंतज़ार किया जा रहा है।