बंदी भागीरथ फरार: साइबराबाद पुलिस की दिल्ली-करीमनगर में तलाशी, पॉक्सो में 20 साल तक सजा का प्रावधान
सारांश
मुख्य बातें
साइबराबाद पुलिस ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय के पुत्र बंदी भागीरथ की गिरफ्तारी के लिए 14 मई 2025 को दिल्ली और करीमनगर में विशेष टीमें रवाना कीं। भागीरथ पर पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन में 8 मई को दर्ज पॉक्सो मामले में एक 17 वर्षीय लड़की के यौन उत्पीड़न का आरोप है। कथित तौर पर पुलिस का नोटिस मिलने के बावजूद वह बुधवार को पेश नहीं हुआ, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
मुख्य घटनाक्रम
पीड़िता की शिकायत के अनुसार, मोइनाबाद स्थित एक फार्महाउस में भागीरथ ने उसका यौन शोषण किया। इस आधार पर पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन में पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। बाद में जाँच में गंभीरता को देखते हुए एफआईआर में धारा 5(1) सहपठित धारा 6 जोड़ी गई, जो गंभीर यौन उत्पीड़न से संबंधित है और जिसके तहत 20 वर्ष या उससे अधिक की सज़ा का प्रावधान है।
भागीरथ ने बुधवार को पेट बशीराबाद थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर को पत्र भेजकर पेश होने के लिए दो दिन का अतिरिक्त समय माँगा। इसी दौरान पुलिस को उसके मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन करीमनगर में मिली, जिसके बाद वहाँ उसके चाचा को दूसरा नोटिस भेजा गया।
अदालत में कानूनी दाँव-पेच
भागीरथ ने तेलंगाना उच्च न्यायालय में अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर की है, जिस पर गुरुवार को अवकाशकालीन पीठ में सुनवाई निर्धारित है। उसके वकील यह दलील देने की तैयारी में हैं कि पीड़िता नाबालिग नहीं है, अतः पॉक्सो एक्ट लागू नहीं होता। कथित तौर पर बचाव पक्ष के पास एक पुराने सड़क दुर्घटना मामले से जुड़े दस्तावेज़ हैं, जो पीड़िता की उम्र को लेकर अलग जानकारी देते हैं।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को पुलिस महानिदेशक सी.वी. आनंद को मामले की जाँच के निर्देश दिए। उसी दिन डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस रितिराज को जाँच की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने मंगलवार को पीड़िता से मुलाकात कर अतिरिक्त जानकारी एकत्र की।
करीमनगर और हैदराबाद में पोस्टर विवाद
करीमनगर और हैदराबाद के कुछ हिस्सों में ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें भागीरथ को फरार बताते हुए आम जनता से उसे देखने पर पुलिस को सूचित करने की अपील की गई है। इन पोस्टरों में भागीरथ के साथ-साथ उनके पिता बंदी संजय — जो करीमनगर से सांसद हैं — की तस्वीरें भी शामिल हैं। पोस्टर किसने लगाए, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
आगे क्या होगा
तेलंगाना उच्च न्यायालय में गुरुवार की सुनवाई इस मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। यदि जमानत नहीं मिली, तो पुलिस टीमों द्वारा भागीरथ की गिरफ्तारी अपरिहार्य मानी जा रही है। मामले में पॉक्सो की कड़ी धाराओं के जुड़ने के बाद अब यह राजनीतिक और कानूनी — दोनों स्तरों पर गहन जाँच के दायरे में है।