आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अप्रैल: नाहिद राणा और लौरा वोल्वार्ड्ट ने जीता खिताब
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 14 मई 2025 को अप्रैल महीने के 'प्लेयर ऑफ द मंथ' पुरस्कारों की घोषणा की। पुरुष वर्ग में बांग्लादेश के युवा तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने पहली बार यह सम्मान हासिल किया, जबकि महिला वर्ग में दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट ने तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया।
नाहिद राणा का शानदार प्रदर्शन
नाहिद राणा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में बांग्लादेश को 2-1 से जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। इस सीरीज में उन्होंने मात्र 4.46 की इकॉनमी रेट से 8 विकेट लिए और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का खिताब भी जीता।
सीरीज के दूसरे वनडे में राणा ने 32 रन देकर 5 विकेट झटके और बांग्लादेश को 55 रनों से निर्णायक जीत दिलाई। यह उनके करियर का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन रहा। उन्होंने ओमान के कप्तान जतिंदर सिंह और यूएई के तेज गेंदबाज अजय कुमार को पीछे छोड़ते हुए यह पुरस्कार अपने नाम किया।
पुरस्कार मिलने के बाद राणा ने कहा, 'न्यूजीलैंड जैसी विश्व-स्तरीय टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने के बाद आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ चुना जाना एक बहुत अच्छा एहसास है। अपनी घरेलू जमीन पर ऐसा प्रदर्शन करना इस सीरीज को और भी खास बनाता है, और यह एक ऐसी सीरीज है जिसे मैं हमेशा याद रखूंगा। मैं अपने साथियों का आभारी हूं जिन्होंने पूरी सीरीज के दौरान मेरा लगातार साथ दिया और मुझ पर भरोसा रखा।'
लौरा वोल्वार्ड्ट की तिहरी उपलब्धि
लौरा वोल्वार्ड्ट ने यह पुरस्कार तीसरी बार जीतकर इतिहास रच दिया। इससे पहले उन्होंने अक्टूबर 2025 और दिसंबर 2025 में भी यह सम्मान हासिल किया था। अप्रैल में उन्होंने न्यूजीलैंड और भारत की महिला टीमों के खिलाफ वनडे और टी20 — दोनों फॉर्मेट में असाधारण बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया।
वोल्वार्ड्ट ने न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी दो वनडे में 69-69 रन की पारियां खेलीं। इसके बाद भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज में उन्होंने एक शतक और तीन अर्धशतक जमाए, और दक्षिण अफ्रीका ने वह सीरीज 4-1 से जीती। उन्होंने श्रीलंका की बल्लेबाज इमेषा दुलानी और ब्राजील की ऑलराउंडर लॉरा कार्डोसो को पछाड़ते हुए यह खिताब जीता।
वोल्वार्ड्ट ने कहा, 'इतने कम समय में तीसरा आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतना बहुत शानदार है। सभी फॉर्मेट में सफलता हासिल करना विशेष रूप से संतोषजनक है। यह सम्मान इसलिए भी खास है क्योंकि यह मौजूदा वनडे और टी20 विश्व कप चैंपियन टीमों के खिलाफ आया है।'
आम जनता और क्रिकेट जगत पर असर
नाहिद राणा का यह पुरस्कार बांग्लादेशी क्रिकेट के लिए एक उत्साहजनक संकेत है। गौरतलब है कि बांग्लादेश के किसी युवा तेज गेंदबाज का इस स्तर पर उभरना देश में पेस बॉलिंग के भविष्य के लिए सकारात्मक है।
वहीं, वोल्वार्ड्ट की निरंतरता महिला क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका के बढ़ते दबदबे को रेखांकित करती है। यह ऐसे समय में आया है जब महिला क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा का स्तर तेजी से बढ़ रहा है और नई टीमें जैसे ब्राजील भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं।
आगे क्या
दोनों खिलाड़ियों की नजरें अब आगामी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं पर होंगी। राणा की गेंदबाजी बांग्लादेश की भविष्य की रणनीति में केंद्रीय भूमिका निभा सकती है, जबकि वोल्वार्ड्ट का फॉर्म दक्षिण अफ्रीका महिला टीम को आगामी आईसीसी टूर्नामेंटों में मजबूत दावेदार बनाता है।