क्या हेले मैथ्यूज ने चौथी बार 'आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ' खिताब जीता?

सारांश
Key Takeaways
- हेले मैथ्यूज ने चौथी बार 'आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ' खिताब जीता।
- उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया।
- मैथ्यूज का ध्यान अपनी टीम की सफलता पर है।
- उन्होंने 73.50 की औसत से 147 रन बनाए।
- उनकी पारियों ने वेस्टइंडीज को श्रृंखला में जीत दिलाई।
दुबई, 14 जुलाई (राष्ट्र प्रेस) - वेस्टइंडीज की ऑलराउंडर हेले मैथ्यूज ने ताजमिन ब्रित्स और एफी फ्लेचर को पीछे छोड़कर जून महीने का 'आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ' खिताब अपने नाम किया है।
मैथ्यूज ने चौथी बार 'आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ' का खिताब जीता है। इससे पूर्व वह नवंबर 2021, अक्टूबर 2023 और अप्रैल 2024 में यह खिताब जीती थीं। इस चौथे पुरस्कार के साथ, मैथ्यूज ऑस्ट्रेलिया की एश गार्डनर के साथ मिलकर सर्वाधिक 'आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ' खिताब जीतने वाली क्रिकेटर बन गई हैं।
वेस्टइंडीज की कप्तान को यह सम्मान टी20 फॉर्मेट में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए मिला है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टी20 श्रृंखला को कप्तानी में 2-1 से जीत कर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का खिताब भी अपने नाम किया।
चौथी बार 'आईसीसी विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ' का खिताब जीतने पर मैथ्यूज ने कहा, "फिर से प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार पाना मेरे लिए एक सम्मान की बात है। मैं अपने हालिया प्रदर्शन से खुश हूं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है कि मैं टीम की सफलता में योगदान दे सकूं, विशेषकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कड़ी टक्कर वाली टी20 श्रृंखला में।"
उन्होंने आगे कहा, "ऐसे सम्मान सराहनीय हैं, लेकिन मेरा ध्यान आगे के लक्ष्यों पर है। मैं व्यक्तिगत रूप से और इस टीम के साथ अभी बहुत कुछ हासिल करना चाहती हूं। हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं। मैं उत्साहित हूं कि हम यहां से कितनी दूर जा सकते हैं।"
जून में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए टी20 श्रृंखला में मैथ्यूज ने 73.50 की औसत से 147 रन बनाए।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला के पहले मैच में मैथ्यूज ने 19 रन बनाए, इसके बाद उन्होंने 63 और 65 रन की शानदार पारियां खेलीं। हेले मैथ्यूज के लगातार अर्धशतकों के कारण वेस्टइंडीज ने श्रृंखला में 0-1 से पीछे रहते हुए इसे 2-1 से अपने नाम किया।
हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे श्रृंखला में वह कंधे की समस्या के कारण अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में नहीं रह सकीं।