मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा — मतदान राष्ट्र निर्माण का पहला कदम, पश्चिम बंगाल में 93.71% रिकॉर्ड मतदान

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा — मतदान राष्ट्र निर्माण का पहला कदम, पश्चिम बंगाल में 93.71% रिकॉर्ड मतदान

सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदान को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद बताते हुए रिकॉर्ड आंकड़े साझा किए — पश्चिम बंगाल में 93.71%, असम में 86.33% और पुडुचेरी में 91.19% मतदान। साथ ही 16 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण जारी है।

मुख्य बातें

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 14 मई 2026 को मतदान को राष्ट्र निर्माण का पहला कदम बताया।
पश्चिम बंगाल में 6.38 करोड़+ मतदाताओं में से 93.71% ने मतदान किया — राज्य का रिकॉर्ड।
असम में 86.33% , तमिलनाडु में 86.03% , पुडुचेरी में 91.19% और केरल में 79.53% मतदान।
ECI ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू किया।
हिमाचल प्रदेश , जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए SIR कार्यक्रम जनगणना और मौसम की स्थिति के बाद घोषित होगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 14 मई 2026 को मतदान को राष्ट्र निर्माण की नींव बताते हुए देश के हर उस नागरिक से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का आह्वान किया जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) संविधान, चुनावी कानूनों और निर्देशों के अनुरूप मतदाताओं के साथ हमेशा खड़ा रहेगा।

रिकॉर्ड मतदान के आंकड़े

हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के आंकड़े जारी करते हुए ECI ने बताया कि पश्चिम बंगाल में 6.38 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाताओं में से रिकॉर्ड 93.71 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह राज्य के चुनावी इतिहास में असाधारण भागीदारी मानी जा रही है।

असम में 2.16 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने वोट डाले और मतदान प्रतिशत 86.33 प्रतिशत के नए उच्च स्तर पर पहुँचा। तमिलनाडु में 4.93 करोड़ मतदाताओं की भागीदारी के साथ 86.03 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

पुडुचेरी में 8,66,932 मतदाताओं ने वोट डाले और मतदान प्रतिशत 91.19 रहा। केरल में 2.16 करोड़ मतदाताओं ने भाग लिया और मतदान प्रतिशत 79.53 रहा।

मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण

चुनाव आयोग ने सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध रूप से मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू किया है। आयोग के अनुसार, SIR के तीसरे चरण का कार्यक्रम वर्तमान में जारी जनगणना गृह-सूचीकरण कार्यों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

तीसरे चरण के लागू होने के बाद यह अभ्यास हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश को कवर कर लेगा। इन तीनों क्षेत्रों में SIR की घोषणा दूसरे चरण की जनगणना पूर्ण होने और ऊपरी इलाकों में मौसम संबंधी चुनौतियों का आकलन करने के बाद की जाएगी।

लोकतंत्र के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि ECI मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान की भावना के अनुरूप प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोकतंत्र के उत्सव में प्रत्येक योग्य नागरिक की भागीदारी को अनिवार्य बताया।

आगे की राह

SIR का तीसरा चरण पूरा होने के बाद देशभर की मतदाता सूचियाँ अद्यतन होंगी, जिससे आगामी चुनावों में भागीदारी और भी व्यापक होने की संभावना है। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए कार्यक्रम की घोषणा मौसम अनुकूल होने पर की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या उच्च मतदान प्रतिशत अपने आप में लोकतंत्र की गुणवत्ता का प्रमाण है। SIR अभ्यास की दिशा सही है — मतदाता सूचियों की शुद्धता के बिना भागीदारी के आंकड़े अधूरे हैं। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को तीसरे चरण से बाहर रखना व्यावहारिक है, लेकिन इन संवेदनशील क्षेत्रों में पुनरीक्षण की समयसीमा पर आयोग को अधिक पारदर्शिता दिखानी होगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदान के बारे में क्या कहा?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 14 मई 2026 को मतदान को राष्ट्र निर्माण का पहला कदम बताया और 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के हर नागरिक से मतदाता बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ECI संविधान और चुनावी कानूनों के अनुसार मतदाताओं के साथ हमेशा रहेगा।
हाल के विधानसभा चुनावों में किस राज्य में सबसे अधिक मतदान हुआ?
पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 93.71% मतदान दर्ज किया गया, जहाँ 6.38 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता थे। पुडुचेरी 91.19% के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) क्या है और यह क्यों किया जा रहा है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा अभ्यास है। यह वर्तमान में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से जारी है।
SIR के तीसरे चरण से हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को क्यों बाहर रखा गया?
इन तीनों क्षेत्रों को SIR के तीसरे चरण से अभी बाहर रखा गया है क्योंकि वहाँ दूसरे चरण की जनगणना अभी पूरी नहीं हुई है और ऊपरी इलाकों में मौसम संबंधी चुनौतियाँ हैं। इनके लिए कार्यक्रम की घोषणा बाद में की जाएगी।
असम और तमिलनाडु में मतदान प्रतिशत क्या रहा?
असम में 2.16 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने वोट डाले और मतदान प्रतिशत 86.33% के नए उच्च स्तर पर पहुँचा। तमिलनाडु में 4.93 करोड़ मतदाताओं की भागीदारी के साथ 86.03% मतदान दर्ज किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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