पॉक्सो मामले में बंदी संजय के बेटे भागीरथ ने तेलंगाना हाईकोर्ट में दाखिल की जमानत याचिका, 14 मई को सुनवाई

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पॉक्सो मामले में बंदी संजय के बेटे भागीरथ ने तेलंगाना हाईकोर्ट में दाखिल की जमानत याचिका, 14 मई को सुनवाई

सारांश

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय के बेटे भागीरथ ने पॉक्सो मामले में तेलंगाना हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है। 17 वर्षीय लड़की के कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में 8 मई को एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोपी कथित तौर पर फरार है और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।

मुख्य बातें

बंदी भागीरथ ने तेलंगाना उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन पीठ में पॉक्सो मामले में अंतरिम जमानत याचिका दाखिल की; सुनवाई 14 मई 2026 को।
8 मई 2026 को पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन में पॉक्सो एक्ट की धारा 11, 12 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75 के तहत एफआईआर दर्ज।
आरोप है कि 17 वर्षीय नाबालिग लड़की का कथित यौन उत्पीड़न किया गया; आरोपी कथित तौर पर फरार।
भागीरथ ने पहले करीमनगर में पीड़िता के परिवार पर हनी ट्रैप और ₹5 करोड़ वसूली का आरोप लगाया था।
रेवंत रेड्डी ने डीजीपी सी.वी.
आनंद को तत्काल जांच और विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर नकारा।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ ने पॉक्सो मामले में अंतरिम जमानत की मांग करते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय का रुख किया है। गर्मी की छुट्टियों के चलते यह याचिका अवकाशकालीन पीठ के समक्ष दाखिल की गई है और इस पर 14 मई 2026 को सुनवाई होनी है। यह मामला 17 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा है।

मामले का घटनाक्रम

8 मई 2026 को साइबराबाद कमिश्नरेट के अंतर्गत पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन में बंदी भागीरथ के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पीड़िता की माँ की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा 11 और 12 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 75 के तहत मामला दर्ज किया।

इससे पहले 25 वर्षीय भागीरथ ने करीमनगर के टाउन पुलिस स्टेशन में लड़की और उसके माता-पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि लड़की और उसके परिवार ने उन्हें हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश की और पुलिस में शिकायत न करने के बदले ₹5 करोड़ की मांग की। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर लड़की और उसके माता-पिता के खिलाफ जबरन वसूली, आपराधिक धमकी, आपराधिक साजिश और साझा मंशा से जुड़ी विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

सरकार की प्रतिक्रिया

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को पुलिस महानिदेशक सी.वी. आनंद को इस पॉक्सो मामले की तत्काल जांच शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने डीजीपी से व्यापक जांच के लिए विशेष टीमें गठित करने को भी कहा।

मुख्यमंत्री ने डीजीपी से यह भी सवाल किया कि 8 मई को शिकायत दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद साइबराबाद पुलिस आयुक्त ने डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस रितिराज को मामले की जांच की व्यक्तिगत निगरानी करने का आदेश दिया।

जांच की स्थिति

डीसीपी रितिराज ने पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन पहुंचकर जांच की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त तथा स्टेशन हाउस ऑफिसर से विस्तार से बातचीत की। उन्होंने मीडिया को बताया कि एसीपी और एसएचओ के साथ आगे की कार्रवाई की योजना तैयार कर ली गई है।

अधिकारियों के अनुसार पुलिस पीड़िता का बयान पहले ही दर्ज कर चुकी है, लेकिन कुछ और जानकारी जुटाने के लिए पीड़िता से फिर बात की जाएगी। डीसीपी ने संकेत दिया कि आरोपी बंदी भागीरथ कथित तौर पर फरार है और पुलिस उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर उनका पता लगाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पकड़े जाने पर आरोपी को निश्चित रूप से गिरफ्तार किया जाएगा।

आरोपों से इनकार

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने अपने बेटे पर लगे आरोपों को सिरे से नकारा है। उनका कहना है कि राजनीतिक विरोधी उनकी छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।

आगे क्या होगा

तेलंगाना उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन पीठ 14 मई 2026 को बंदी भागीरथ की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी। इसी दौरान पुलिस आरोपी की तलाश जारी रखेगी और जांच को आगे बढ़ाएगी। इस मामले का परिणाम न केवल कानूनी, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि 8 मई की एफआईआर के बाद चार दिनों तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। आरोपी का कथित तौर पर फरार होना और हाईकोर्ट में जमानत याचिका का एक साथ सामने आना — यह संयोग न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पॉक्सो जैसे संवेदनशील कानून में राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंका से बचने के लिए जांच की निगरानी किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपे जाने की माँग उठना स्वाभाविक है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंदी भागीरथ पर पॉक्सो मामले में क्या आरोप हैं?
बंदी भागीरथ पर 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के कथित यौन उत्पीड़न का आरोप है। पीड़िता की माँ की शिकायत पर 8 मई 2026 को पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन में पॉक्सो एक्ट की धारा 11 व 12 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 व 75 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
तेलंगाना हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई कब होगी?
तेलंगाना उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन पीठ 14 मई 2026 को बंदी भागीरथ की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी। गर्मी की छुट्टियों के कारण यह याचिका वेकेशन बेंच के समक्ष दाखिल की गई है।
क्या बंदी भागीरथ को अब तक गिरफ्तार किया गया है?
नहीं, अधिकारियों के अनुसार बंदी भागीरथ कथित तौर पर फरार हैं। पुलिस उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर उनका पता लगाने की कोशिश कर रही है और पकड़े जाने पर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने डीजीपी सी.वी. आनंद को तत्काल जांच शुरू करने और विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 8 मई को एफआईआर दर्ज होने के बावजूद देरी पर सवाल भी उठाया।
बंदी संजय कुमार ने अपने बेटे के बचाव में क्या कहा?
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने अपने बेटे पर लगे सभी आरोपों को नकारा है। उनका कहना है कि राजनीतिक विरोधी उनकी छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस