क्या हिमाचल में यौन शोषण मामले में चुराह विधायक की अग्रिम जमानत 27 नवंबर तक बढ़ी?
सारांश
Key Takeaways
- हिमाचल प्रदेश के विधायक पर यौन शोषण का आरोप।
- अंतरिम अग्रिम जमानत 27 नवंबर तक बढ़ाई गई।
- पुलिस जांच जारी है।
- महिला आयोग ने मामले की गहन जांच की मांग की है।
- विधायक ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया।
चुराह, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला एवं सत्र न्यायालय ने यौन शोषण के आरोपी भाजपा विधायक हंसराज की अंतरिम अग्रिम जमानत को 27 नवंबर तक बढ़ा दिया है, जबकि पुलिस की जांच अब भी जारी है।
चुराह की एक लड़की ने विधायक हंसराज के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है। उसका कहना है कि जब वह नाबालिग थी, तो विधायक ने उसका शारीरिक शोषण किया। लड़की के पिता ने भी सोशल मीडिया और पुलिस अधीक्षक के सामने न्याय की गुहार लगाई थी। इसके बाद पुलिस ने दी गई जानकारी के आधार पर कुछ स्थानों पर छापेमारी कर अतिरिक्त साक्ष्य जुटाए थे।
शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अदालत में अपनी-अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। विधायक ने अपने वकीलों के माध्यम से कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी। इस दौरान कोर्ट ने विधायक की अग्रिम जमानत 27 नवंबर तक बढ़ा दी है और उन्हें पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने का आदेश भी दिया है।
एक साल पहले भी लड़की ने विधायक पर डराने-धमकाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन तब वह अपने बयानों से मुकर गई थी। हाल ही में उसने एक बार फिर सोशल मीडिया के माध्यम से विधायक और उनके समर्थकों पर परिवार को परेशान करने और डराने-धमकाने का आरोप लगाया। इस मामले ने महिला आयोग का ध्यान भी आकर्षित किया है। राज्य महिला आयोग ने मामले की गहन जांच की मांग की है और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है।
विधायक हंसराज ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि यह मामला उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए फैलाया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके दुश्मन हैं, जो जानबूझकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह सही हैं और उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है।