28 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार MLC चुनाव 2026: पटना शिक्षक सीट पर राजद ने भाजपा का 30 साल पुराना किला तोड़ा, दरभंगा में जन सुराज का खाता खुला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार MLC चुनाव 2026: पटना शिक्षक सीट पर राजद ने भाजपा का 30 साल पुराना किला तोड़ा, दरभंगा में जन सुराज का खाता खुला

सारांश

पटना शिक्षक सीट पर राजद की जीत महज एक चुनावी नतीजा नहीं — यह 30 साल पुराने गढ़ का टूटना है। दरभंगा में जन सुराज पार्टी के पहले खाते ने बिहार में नए राजनीतिक समीकरण की दस्तक दे दी है, जो 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता पक्ष के लिए चेतावनी की घंटी है।

मुख्य बातें

पटना शिक्षक सीट से राजद के डॉ.
संजीव कुमार ने भाजपा के नवल किशोर यादव को हराकर 30 साल पुराना भाजपा का किला ध्वस्त किया।
दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज पार्टी के सुरेश राय ने कांग्रेस के मदन मोहन झा को हराकर पार्टी का पहला खाता खोला।
सारण शिक्षक सीट पर भाजपा के बागी निर्दलीय उम्मीदवार डॉ.
राहुल राज विजयी; तिरहुत में भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह जीते।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85% और स्नातक क्षेत्रों में 53.42% मतदान दर्ज; कुल 150 उम्मीदवार मैदान में थे।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना जारी है; पूरे नतीजे बिहार विधान परिषद में शक्ति संतुलन तय करेंगे।

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए हुए चुनाव में 28 अक्टूबर 2026 को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे घोषित हो गए, और कई सीटों पर उलटफेर देखने को मिला। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता नवल किशोर यादव को पराजित कर यह सीट छीन ली — एक ऐसी जीत जिसे राजद तीन दशकों के राजनीतिक वर्चस्व के टूटने के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज पार्टी के सुरेश राय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मोहन झा को हराकर पार्टी का इस निर्वाचन क्षेत्र में पहला खाता खोला।

मुख्य चुनाव परिणाम

पटना शिक्षक सीट पर राजद के डॉ. संजीव कुमार की जीत इस दौर का सबसे बड़ा उलटफेर मानी जा रही है। दरभंगा शिक्षक सीट से जन सुराज पार्टी के सुरेश राय विजयी रहे। सारण शिक्षक सीट से भाजपा के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. राहुल राज ने जीत दर्ज की, जो भाजपा के लिए आंतरिक असंतोष का संकेत है। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह विजयी घोषित हुए।

विजेता की प्रतिक्रिया और आरोप

जीत के बाद डॉ. संजीव कुमार ने मीडिया से बातचीत में इसे 'शिक्षक समाज की जीत और अधर्म पर धर्म की जीत' बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों से इस सीट पर अन्याय हो रहा था और कथित तौर पर फर्जी वोटों के सहारे जीत हासिल की जा रही थी।

संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पुलिस-प्रशासन का इस्तेमाल किया गया और तीन कमिश्नरों को बदला गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री से लेकर पूरा मंत्रिमंडल उन्हें हराने में लगा था। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।

चुनाव की पृष्ठभूमि और मतदान आँकड़े

इन सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर 2026 को हुआ था। कुल 8 सीटों में 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85 प्रतिशत और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 53.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मैदान में कुल 150 उम्मीदवार थे — स्नातक क्षेत्रों से 90 और शिक्षक क्षेत्रों से 60 प्रत्याशी।

गौरतलब है कि पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के साथ-साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान कराया गया था।

आम जनता और शिक्षकों पर असर

डॉ. संजीव कुमार ने शिक्षक समाज से किए गए वादों को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि वह विधान परिषद में शिक्षकों की आवाज़ बुलंद करेंगे तथा सरकार को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए बाध्य करेंगे। दरभंगा में जन सुराज पार्टी की जीत राज्य में नई राजनीतिक ताकत के उभार की ओर संकेत करती है।

क्या होगा आगे

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना जारी है, और उनके नतीजे बिहार की विधान परिषद में शक्ति संतुलन की पूरी तस्वीर स्पष्ट करेंगे। सारण में भाजपा के बागी की जीत पार्टी के आंतरिक समीकरणों पर दबाव बढ़ा सकती है। पटना सीट पर 30 वर्षों बाद हुई यह राजनीतिक उलटबाजी 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीतिक दिशा का संकेत मानी जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो परंपरागत राजद-भाजपा द्विध्रुवीय समीकरण को चुनौती दे सकती है। हालाँकि ये विधान परिषद की विशेष सीटें हैं जहाँ शिक्षक और स्नातक मतदाता होते हैं, इसलिए इन्हें आम जनमत का प्रत्यक्ष पैमाना नहीं माना जा सकता। असली सवाल यह है कि क्या ये संकेत 2025 के विधानसभा चुनाव तक किसी बड़े राजनीतिक पुनर्गठन में बदल पाएंगे।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार MLC शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव 2026 के नतीजे क्या रहे?
पटना शिक्षक सीट पर राजद के डॉ. संजीव कुमार, दरभंगा पर जन सुराज पार्टी के सुरेश राय, सारण पर निर्दलीय डॉ. राहुल राज और तिरहुत पर भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह विजयी रहे। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना अभी जारी है।
पटना शिक्षक सीट पर राजद की जीत क्यों महत्वपूर्ण है?
राजद के डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के नवल किशोर यादव को हराया, जो इस सीट पर 30 वर्षों के भाजपा वर्चस्व का अंत माना जा रहा है। यह जीत 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष के मनोबल के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है।
जन सुराज पार्टी ने दरभंगा में किसे हराया और इसका क्या महत्व है?
जन सुराज पार्टी के सुरेश राय ने दरभंगा शिक्षक सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मोहन झा को पराजित किया। यह इस पार्टी का बिहार विधान परिषद में पहला खाता है, जो राज्य में एक नई राजनीतिक ताकत के उभार का संकेत देता है।
बिहार MLC चुनाव 2026 में मतदान कब और कहाँ हुआ था?
मतदान 23 अक्टूबर 2026 को हुआ था, जिसमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण के शिक्षक तथा पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। शिक्षक क्षेत्रों में 82.85% और स्नातक क्षेत्रों में 53.42% मतदान हुआ।
सारण शिक्षक सीट पर भाजपा बागी की जीत का क्या मतलब है?
सारण शिक्षक सीट पर भाजपा के बागी निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. राहुल राज की जीत पार्टी के आंतरिक असंतोष को दर्शाती है। यह भाजपा के लिए संकेत है कि उसके अपने कार्यकर्ता और नेता पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के बजाय बागी का समर्थन करने को तैयार हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 21 घंटे पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले