बिहार MLC चुनाव 2026: पटना शिक्षक सीट पर राजद ने भाजपा का 30 साल पुराना किला तोड़ा, दरभंगा में जन सुराज का खाता खुला
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए हुए चुनाव में 28 अक्टूबर 2026 को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे घोषित हो गए, और कई सीटों पर उलटफेर देखने को मिला। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता नवल किशोर यादव को पराजित कर यह सीट छीन ली — एक ऐसी जीत जिसे राजद तीन दशकों के राजनीतिक वर्चस्व के टूटने के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज पार्टी के सुरेश राय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मोहन झा को हराकर पार्टी का इस निर्वाचन क्षेत्र में पहला खाता खोला।
मुख्य चुनाव परिणाम
पटना शिक्षक सीट पर राजद के डॉ. संजीव कुमार की जीत इस दौर का सबसे बड़ा उलटफेर मानी जा रही है। दरभंगा शिक्षक सीट से जन सुराज पार्टी के सुरेश राय विजयी रहे। सारण शिक्षक सीट से भाजपा के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. राहुल राज ने जीत दर्ज की, जो भाजपा के लिए आंतरिक असंतोष का संकेत है। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह विजयी घोषित हुए।
विजेता की प्रतिक्रिया और आरोप
जीत के बाद डॉ. संजीव कुमार ने मीडिया से बातचीत में इसे 'शिक्षक समाज की जीत और अधर्म पर धर्म की जीत' बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 30 वर्षों से इस सीट पर अन्याय हो रहा था और कथित तौर पर फर्जी वोटों के सहारे जीत हासिल की जा रही थी।
संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पुलिस-प्रशासन का इस्तेमाल किया गया और तीन कमिश्नरों को बदला गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री से लेकर पूरा मंत्रिमंडल उन्हें हराने में लगा था। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
चुनाव की पृष्ठभूमि और मतदान आँकड़े
इन सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर 2026 को हुआ था। कुल 8 सीटों में 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85 प्रतिशत और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 53.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मैदान में कुल 150 उम्मीदवार थे — स्नातक क्षेत्रों से 90 और शिक्षक क्षेत्रों से 60 प्रत्याशी।
गौरतलब है कि पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के साथ-साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान कराया गया था।
आम जनता और शिक्षकों पर असर
डॉ. संजीव कुमार ने शिक्षक समाज से किए गए वादों को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि वह विधान परिषद में शिक्षकों की आवाज़ बुलंद करेंगे तथा सरकार को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए बाध्य करेंगे। दरभंगा में जन सुराज पार्टी की जीत राज्य में नई राजनीतिक ताकत के उभार की ओर संकेत करती है।
क्या होगा आगे
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना जारी है, और उनके नतीजे बिहार की विधान परिषद में शक्ति संतुलन की पूरी तस्वीर स्पष्ट करेंगे। सारण में भाजपा के बागी की जीत पार्टी के आंतरिक समीकरणों पर दबाव बढ़ा सकती है। पटना सीट पर 30 वर्षों बाद हुई यह राजनीतिक उलटबाजी 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीतिक दिशा का संकेत मानी जा सकती है।