बिहार एमएलसी चुनाव: एनडीए ने सभी 8 सीटों पर जीत का दावा किया, भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान छेड़ा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नतीजों से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने 27 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि गठबंधन सभी आठों सीटों पर जीत दर्ज करेगा। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने पटना में यह भरोसा जताया, जबकि बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विपक्ष पर देशभर में 'गलत नैरेटिव' फैलाने का आरोप लगाया।
जदयू का जनादेश का दावा
पटना में मीडिया से बात करते हुए जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा, 'हमारी जीत जनता की जीत है। जनता ने हमारे उम्मीदवारों के कामों को देखा है। साथ ही, वह हमारी पार्टी के कार्यों को भी देख रही है और उनका लाभ उठा रही है।' उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
रजक ने एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच फर्क बताते हुए दावा किया कि एनडीए के नेता जनता के घरों और दरवाजों तक पहुँचते हैं, जबकि विपक्षी नेता एक स्थान पर इकट्ठा होकर उत्सव मनाते हैं। उन्होंने विपक्ष पर भ्रष्टाचार के जरिए 'जनता की कमाई से अर्जित संपत्ति' का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया।
भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान
नई दिल्ली में बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर पूरे देश में गलत नैरेटिव बनाने की कोशिश का आरोप लगाया। इसके जवाब में उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान शुरू करने का फैसला लिया है।
सरावगी के अनुसार, इस अभियान का पहला चरण 23 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक देशभर में चलाया जाएगा। बिहार में इसके लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं और पार्टी इस अभियान के जरिए विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की योजना बना रही है।
मतदाता प्रलोभन पर मंत्री की प्रतिक्रिया
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने मतदाताओं को प्रलोभन देने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हारने वाले उम्मीदवार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की गई थी, जहाँ चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।
विपक्ष की रैली और सरकार का रुख
इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली पर बिहार सरकार के मंत्री संतोष सुमन ने संयमित रुख अपनाते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है और यदि विपक्ष धरना या विरोध प्रदर्शन करना चाहता है तो उसे ऐसा करने देना चाहिए। गौरतलब है कि यह टिप्पणी एनडीए नेताओं के आक्रामक तेवरों के बीच अपेक्षाकृत उदार स्वर में आई।
हालाँकि, सुमन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 'देश की सबसे पुरानी पार्टी, जो कभी सबसे बड़ी हुई करती थी, आज लगातार कमजोर होती जा रही है।' उन्होंने इंडिया गठबंधन को 'नाममात्र का गठबंधन' करार देते हुए उसकी एकजुटता पर भी सवाल उठाए।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद नतीजों का इंतजार है। एनडीए के दावों के जवाब में इंडिया गठबंधन ने अपना रुख अभी सार्वजनिक नहीं किया है। 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी रैली इस राजनीतिक परिदृश्य को और परिभाषित करेगी।