बिहार एमएलसी चुनाव 2026: जदयू ने 23 अक्टूबर को जीत का दावा किया, विपक्ष पर तंज
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने उम्मीदवारों की जीत का पूरा भरोसा जताया है। जदयू महासचिव श्याम रजक ने 5 अक्टूबर 2026 को पटना में दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के नामांकन के अवसर पर कहा कि 23 अक्टूबर को पार्टी की जीत सुनिश्चित है और इसकी जिम्मेदारी दोनों उम्मीदवारों पर है।
जदयू का दावा और आत्मविश्वास
श्याम रजक ने कहा कि सभी मतदाताओं ने दोनों उम्मीदवारों को जिताने का मन बना लिया है। उन्होंने नामांकन प्रक्रिया को एक संदेश बताया — कि पार्टी चुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति में गठबंधनों की परीक्षा बार-बार होती रही है।
विपक्ष की आपसी खींचतान पर निशाना
श्याम रजक ने समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच जारी कथित मतभेदों पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि दोनों दल बैठकें तो खूब करते हैं, लेकिन चुनाव के दिन इन बैठकों का कोई असर नहीं दिखता। रजक ने बिहार विधान परिषद चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव से एक दिन पहले बैठक होती है और अगले दिन दोनों दल अपने-अपने अलग उम्मीदवार मैदान में उतार देते हैं — जो उनके आपसी समन्वय की असलियत बयान करता है।
भदोही का नाम बदलने पर जदयू का समर्थन
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर किए जाने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास को केवल जाति के नजरिए से देखना उचित नहीं — वे देश के सबसे सम्मानित संतों में से एक हैं।
राजीव रंजन ने कहा कि शिक्षा के प्रसार और सामाजिक सद्भाव में संत रविदास के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करना इस नामकरण का मूल उद्देश्य है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भदोही अपनी कालीन उद्योग और निर्यात के लिए देश भर में जाना जाता है, ऐसे में यह नाम परिवर्तन और भी प्रतीकात्मक महत्व रखता है।
कैप्टन स्मित मच्छार मामले पर राहुल गांधी को घेरा
कैप्टन स्मित मच्छार के मामले पर राजीव रंजन ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की 'रहस्यमयी चुप्पी' पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के इतने वरिष्ठ नेता और विपक्ष के प्रमुख चेहरे की इस मुद्दे पर चुप्पी हैरान करने वाली है।
राजीव रंजन ने कहा कि यह राजनीति से ऊपर उठकर हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है और ऐसे समय में किसी भी जिम्मेदार नेता को अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। आने वाले दिनों में बिहार एमएलसी चुनाव के नतीजे स्पष्ट करेंगे कि जदयू का यह आत्मविश्वास कितना ठोस है।