बिहार एमएलसी चुनाव 2026: 8 सीटों पर प्रचार खत्म, 23 अक्टूबर को मतदान; पटना स्नातक में नीरज vs अनुज
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए), महागठबंधन और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के बीच यह मुकाबला बहुकोणीय रूप ले चुका है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रचार के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल (यूनाइटेड), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और जन सुराज सहित सभी प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने व्यक्तिगत जनसंपर्क और डिजिटल माध्यमों के ज़रिए मतदाताओं तक पहुँचने की पूरी कोशिश की। कई उम्मीदवारों के वॉयस मैसेज मतदाताओं के मोबाइल पर लगातार सुनाई देते रहे।
इस चुनाव में कुल 150 प्रत्याशी मैदान में हैं और 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। एनडीए ने सीट बँटवारे के तहत BJP और जदयू को चार-चार सीटें दी हैं, जबकि जन सुराज ने सभी 8 सीटों पर प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को और रोचक बना दिया है।
पटना स्नातक सीट पर केंद्रित है नज़र
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र इस पूरे चुनाव में सर्वाधिक चर्चा में रहा है। जदयू के मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार यहाँ से अपनी सीट बचाने के प्रयास में हैं। उन्हें जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह से कड़ी टक्कर मिल रही है, जबकि राजद ने दिलीप कुमार को उम्मीदवार बनाया है।
गौरतलब है कि जदयू विधायक अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करने का फैसला किया है, जो अपनी ही पार्टी की स्थिति के विपरीत है और राजनीतिक हलकों में इस पर गहरी नज़र रखी जा रही है। इस घटनाक्रम ने पटना सीट को एनडीए के भीतरी तनाव का भी प्रतीक बना दिया है।
इसके अलावा, नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने और उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में चिंता बढ़ा दी है। अनंत सिंह ने इस स्थिति का लाभ उठाते हुए अनुज सिंह की जीत का दावा एक बार फिर दोहराया है।
निर्वाचन क्षेत्रों का विवरण
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण सीटों पर मतदान होगा। इन सभी सीटों पर मौजूदा विधान पार्षदों के सामने अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की गंभीर चुनौती है।
गठबंधनों की रणनीति और चुनौतियाँ
एनडीए जहाँ एकजुट होकर मैदान में है, वहीं महागठबंधन के घटक दलों के बीच कुछ सीटों पर तालमेल की चुनौती स्पष्ट दिखाई दे रही है। जन सुराज ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारकर यह संकेत दिया है कि प्रशांत किशोर की पार्टी बिहार की विधान परिषद में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए गंभीर है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद से राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं और जन सुराज नई ताकत के रूप में उभरने की कोशिश में है।
आगे क्या होगा
23 अक्टूबर को मतदान के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी और सभी 8 सीटों के परिणाम सामने आएंगे। अब सभी प्रत्याशियों की रणनीति मतदाताओं को 933 मतदान केंद्रों तक पहुँचाने और अपने पक्ष में अधिकतम मतदान सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। यह चुनाव बिहार में विपक्षी जन सुराज की राजनीतिक ताकत की पहली बड़ी परीक्षा भी मानी जा रही है।