12 अक्टूबर 2026
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बिहार विधान परिषद चुनाव 2026: एनडीए की अग्नि परीक्षा, आठ सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला

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बिहार विधान परिषद चुनाव 2026: एनडीए की अग्नि परीक्षा, आठ सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला

सारांश

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है — और मुकाबला सिर्फ दलों के बीच नहीं, दलों के भीतर भी है। बागी उम्मीदवार, जन सुराज की सक्रियता और महागठबंधन की आपसी कलह ने इस चुनाव को एनडीए की एकजुटता की असली परीक्षा बना दिया है।

मुख्य बातें

बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।
बागी उम्मीदवारों और जन सुराज की सक्रियता से कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय से बहुकोणीय हो गया है।
पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार , राजद के दिलीप कुमार , कांग्रेस के एम.
असदुल्लाह और जन सुराज के अनूज सिंह मैदान में हैं।
दरभंगा शिक्षक सीट पर महागठबंधन के भीतर मतभेद — कांग्रेस के निवर्तमान एमएलसी मदन मोहन झा के विरुद्ध राजद और सीपीएम के उम्मीदवार मैदान में।
मतों का बिखराव कई सीटों पर निर्णायक कारक बन सकता है, जिससे एनडीए की एकता और जमीनी पकड़ की परीक्षा होगी।

बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को होने वाला मतदान सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए एक कठिन अग्नि परीक्षा बनता जा रहा है। गठबंधन के भीतर खींचतान, बागी उम्मीदवारों की उपस्थिति और जन सुराज व निर्दलीय प्रत्याशियों की सक्रियता ने कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय से बहुकोणीय बना दिया है।

स्नातक सीटों पर मुख्य मुकाबला

पटना स्नातक सीट पर जनता दल (यूनाइटेड) [जदयू] के प्रत्याशी नीरज कुमार के सामने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के दिलीप कुमार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के एम. असदुल्लाह और जन सुराज के अनूज सिंह मैदान में हैं। अन्य प्रत्याशियों की मौजूदगी ने इस सीट को और अधिक जटिल बना दिया है।

दरभंगा स्नातक सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सर्वेश कुमार, राजद के अनिल झा, कांग्रेस के रजनीकांत पाठक और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) [माले] के संदीप चौधरी के बीच चतुष्कोणीय टक्कर है।

कोसी स्नातक सीट पर राजद के नितेश कुमार और कांग्रेस के मनोज जायसवाल के बीच मुख्य मुकाबला बताया जा रहा है। तिरहुत स्नातक सीट पर जदयू के अभिषेक झा और राजद के रशिम विवेक गौतम के बीच सीधा मुकाबला है, हालाँकि वंशीधर वृजवासी की उपस्थिति इसे त्रिकोणीय मुकाबले में बदल रही है।

शिक्षक सीटों पर राजनीतिक समीकरण

पटना शिक्षक सीट पर BJP के नवल किशोर यादव, राजद के संजीव कुमार और कांग्रेस के संजय कुमार के बीच त्रिकोणीय संघर्ष है। सारण शिक्षक सीट पर जन सुराज के अफाक अहमद, जदयू के आनंद पुष्कर, राजद के जय राम यादव और निर्दलीय रामपुकार सिन्हा मैदान में हैं — यह सीट बहुकोणीय मुकाबले का उदाहरण है।

दरभंगा शिक्षक सीट पर महागठबंधन के भीतर मतभेद स्पष्ट दिखते हैं। कांग्रेस के निवर्तमान विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मदन मोहन झा के विरुद्ध राजद के कुमार राउत और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीएम] के रामदेव राय मैदान में उतरे हैं। तिरहुत शिक्षक सीट पर BJP, कांग्रेस, जदयू, राजद, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और जन सुराज के उम्मीदवारों की मौजूदगी से मुकाबला पूरी तरह बहुकोणीय हो गया है।

एनडीए के लिए चुनौती कहाँ है

यह ऐसे समय में आया है जब एनडीए के घटक दलों के असंतुष्ट समर्थक अलग-अलग सीटों पर बागी उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतर आए हैं। गौरतलब है कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता एक विशिष्ट और शिक्षित वर्ग से होते हैं, जो पार्टी लाइन की बजाय व्यक्तिगत योग्यता और स्थानीय मुद्दों के आधार पर मत देने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में एनडीए की एकजुटता, सहयोगी दलों के बीच तालमेल और जमीनी पकड़ सीधे परखी जाएगी।

दूसरी ओर, राजद, कांग्रेस और वाम दल भी कई सीटों पर आपस में समन्वय की बजाय अलग-अलग उम्मीदवार उतार रहे हैं, जिससे महागठबंधन के भीतर भी एकता की कमी झलकती है। इससे मतों के बिखराव की संभावना और बढ़ गई है।

मतदान और मतगणना की तारीखें

बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान और 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना प्रस्तावित है। बागी प्रत्याशियों और तीसरे मोर्चे के उम्मीदवारों का प्रदर्शन कई सीटों पर अंतिम परिणाम तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यहाँ का मतदाता वर्ग पढ़ा-लिखा और विचारशील है — पार्टी के झंडे से ऊपर उठकर वोट देने की उसकी प्रवृत्ति रही है। ऐसे में एनडीए के लिए असली चुनौती बाहरी विपक्ष नहीं, बल्कि अपने ही घटक दलों के असंतोष को थामना है। महागठबंधन की स्थिति भी कोई बेहतर नहीं — दरभंगा शिक्षक सीट पर कांग्रेस के निवर्तमान एमएलसी के विरुद्ध राजद और सीपीएम का मैदान में उतरना दिखाता है कि विपक्ष में भी समन्वय कागज पर ज़्यादा और ज़मीन पर कम है। 27 अक्टूबर के नतीजे बताएँगे कि क्या गठबंधन की राजनीति अभी भी बिहार के इस विशिष्ट मतदाता वर्ग को एकजुट रख पाती है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 में मतदान और मतगणना कब होगी?
बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान और 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना प्रस्तावित है।
बिहार विधान परिषद चुनाव में एनडीए के लिए क्या चुनौती है?
एनडीए के लिए मुख्य चुनौती गठबंधन के भीतर से उभरी है — घटक दलों के असंतुष्ट समर्थक कई सीटों पर बागी उम्मीदवार के रूप में उतरे हैं, जिससे मतों के विभाजन का खतरा बढ़ गया है और पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पटना स्नातक सीट पर कौन-कौन से प्रत्याशी मैदान में हैं?
पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार, राजद के दिलीप कुमार, कांग्रेस के एम. असदुल्लाह और जन सुराज के अनूज सिंह सहित अन्य प्रत्याशी मैदान में हैं।
दरभंगा शिक्षक सीट पर महागठबंधन के भीतर क्या मतभेद है?
दरभंगा शिक्षक सीट पर कांग्रेस के निवर्तमान एमएलसी मदन मोहन झा के विरुद्ध राजद के कुमार राउत और सीपीएम के रामदेव राय उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं, जो महागठबंधन के भीतर समन्वय की कमी को उजागर करता है।
जन सुराज का इन चुनावों में क्या प्रभाव हो सकता है?
जन सुराज ने कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं — जैसे पटना स्नातक और सारण शिक्षक — जिससे मतों का बिखराव बढ़ा है। यह तीसरे मोर्चे की उपस्थिति कुछ सीटों पर एनडीए और महागठबंधन दोनों के वोट काट सकती है और परिणाम को अप्रत्याशित बना सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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