बिहार विधान परिषद चुनाव 2026: एनडीए की अग्नि परीक्षा, आठ सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को होने वाला मतदान सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए एक कठिन अग्नि परीक्षा बनता जा रहा है। गठबंधन के भीतर खींचतान, बागी उम्मीदवारों की उपस्थिति और जन सुराज व निर्दलीय प्रत्याशियों की सक्रियता ने कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय से बहुकोणीय बना दिया है।
स्नातक सीटों पर मुख्य मुकाबला
पटना स्नातक सीट पर जनता दल (यूनाइटेड) [जदयू] के प्रत्याशी नीरज कुमार के सामने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के दिलीप कुमार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के एम. असदुल्लाह और जन सुराज के अनूज सिंह मैदान में हैं। अन्य प्रत्याशियों की मौजूदगी ने इस सीट को और अधिक जटिल बना दिया है।
दरभंगा स्नातक सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सर्वेश कुमार, राजद के अनिल झा, कांग्रेस के रजनीकांत पाठक और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) [माले] के संदीप चौधरी के बीच चतुष्कोणीय टक्कर है।
कोसी स्नातक सीट पर राजद के नितेश कुमार और कांग्रेस के मनोज जायसवाल के बीच मुख्य मुकाबला बताया जा रहा है। तिरहुत स्नातक सीट पर जदयू के अभिषेक झा और राजद के रशिम विवेक गौतम के बीच सीधा मुकाबला है, हालाँकि वंशीधर वृजवासी की उपस्थिति इसे त्रिकोणीय मुकाबले में बदल रही है।
शिक्षक सीटों पर राजनीतिक समीकरण
पटना शिक्षक सीट पर BJP के नवल किशोर यादव, राजद के संजीव कुमार और कांग्रेस के संजय कुमार के बीच त्रिकोणीय संघर्ष है। सारण शिक्षक सीट पर जन सुराज के अफाक अहमद, जदयू के आनंद पुष्कर, राजद के जय राम यादव और निर्दलीय रामपुकार सिन्हा मैदान में हैं — यह सीट बहुकोणीय मुकाबले का उदाहरण है।
दरभंगा शिक्षक सीट पर महागठबंधन के भीतर मतभेद स्पष्ट दिखते हैं। कांग्रेस के निवर्तमान विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मदन मोहन झा के विरुद्ध राजद के कुमार राउत और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीएम] के रामदेव राय मैदान में उतरे हैं। तिरहुत शिक्षक सीट पर BJP, कांग्रेस, जदयू, राजद, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और जन सुराज के उम्मीदवारों की मौजूदगी से मुकाबला पूरी तरह बहुकोणीय हो गया है।
एनडीए के लिए चुनौती कहाँ है
यह ऐसे समय में आया है जब एनडीए के घटक दलों के असंतुष्ट समर्थक अलग-अलग सीटों पर बागी उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतर आए हैं। गौरतलब है कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता एक विशिष्ट और शिक्षित वर्ग से होते हैं, जो पार्टी लाइन की बजाय व्यक्तिगत योग्यता और स्थानीय मुद्दों के आधार पर मत देने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में एनडीए की एकजुटता, सहयोगी दलों के बीच तालमेल और जमीनी पकड़ सीधे परखी जाएगी।
दूसरी ओर, राजद, कांग्रेस और वाम दल भी कई सीटों पर आपस में समन्वय की बजाय अलग-अलग उम्मीदवार उतार रहे हैं, जिससे महागठबंधन के भीतर भी एकता की कमी झलकती है। इससे मतों के बिखराव की संभावना और बढ़ गई है।
मतदान और मतगणना की तारीखें
बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान और 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना प्रस्तावित है। बागी प्रत्याशियों और तीसरे मोर्चे के उम्मीदवारों का प्रदर्शन कई सीटों पर अंतिम परिणाम तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।