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बिहार एमएलसी चुनाव: नतीजों से पहले अनंत सिंह के घर जश्न, बोले — 'पहले ही जीत चुके हैं'

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बिहार एमएलसी चुनाव: नतीजों से पहले अनंत सिंह के घर जश्न, बोले — 'पहले ही जीत चुके हैं'

सारांश

नतीजों से पहले ही जश्न — जदयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी पार्टी के प्रत्याशी को दरकिनार कर जनसुराज के अनुज सिंह की जीत का दावा किया और घर पर मिठाइयाँ मँगा लीं। 27 अक्टूबर को पटना स्नातक सीट का परिणाम बताएगा कि यह आत्मविश्वास कितना सही था।

मुख्य बातें

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ; परिणाम 27 अक्टूबर को आएंगे।
मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार की जगह जनसुराज के अनुज सिंह का खुलकर समर्थन किया।
अनंत सिंह ने नतीजों से पहले ही घर पर जश्न की तैयारी कर ली — मिठाइयाँ और खान-पान की व्यवस्था शुरू।
उन्होंने दावा किया, 'हम पहले ही चुनाव जीत चुके हैं; जनता ही भगवान है।' पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए -समर्थित नीरज कुमार और जनसुराज के अनुज सिंह आमने-सामने हैं।

बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट पर 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना होनी है, लेकिन उससे पहले ही मोकामा से जनता दल (यूनाइटेड) विधायक अनंत सिंह ने अपने घर पर जश्न की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। सिंह खुलकर जनसुराज प्रत्याशी अनुज सिंह की जीत का दावा कर रहे हैं और उनके आवास पर मिठाइयाँ व खान-पान की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान संपन्न हुआ। परिणाम 27 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। इससे पहले ही अनंत सिंह के आवास पर शुरू हुई तैयारियों ने पटना के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

गौरतलब है कि अनंत सिंह जदयू विधायक होते हुए भी इस चुनाव में अपनी ही पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के बजाय जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के पक्ष में खुलकर प्रचार करते नजर आए। यह पार्टी लाइन से स्पष्ट विचलन है, जिसने चुनाव के दौरान भी राजनीतिक चर्चा को गर्म रखा।

अनंत सिंह का बयान

परिणाम से पहले जश्न की तैयारी को लेकर पूछे जाने पर अनंत सिंह ने कहा कि जीत के बाद मिठाई बाँटना सामान्य बात है। उन्होंने कहा, 'जो नियम-धर्म है, वह तो चलता रहेगा।' अनंत सिंह ने आत्मविश्वास के साथ यह भी जोड़ा कि वे पहले ही चुनाव जीत चुके हैं।

उन्होंने कहा कि जनता उनके यहाँ आएगी तो नाश्ते और खान-पान की व्यवस्था की जाएगी। जदयू विधायक ने कहा, 'वोट दुकान में नहीं मिलता, जनता ही भगवान है और उन्हें जनता पर पूरा भरोसा है।'

सीट पर मुकाबले की स्थिति

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए समर्थित जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार और जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। अनंत सिंह के अनुज सिंह के पक्ष में खुले प्रचार ने इस सीट की राजनीतिक गणित को जटिल बना दिया है।

यह ऐसे समय में आया है जब जदयू एनडीए की साझेदार पार्टी है और उसके एक विधायक का पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध अभियान चलाना गठबंधन के भीतर अंतर्विरोध को उजागर करता है।

क्या होगा आगे

27 अक्टूबर 2026 को होने वाली मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि मतदाताओं ने किस उम्मीदवार पर भरोसा जताया है। अनंत सिंह के जीत के दावे और उनके घर पर शुरू हुई तैयारियाँ इस सीट के नतीजे को लेकर उत्सुकता और बढ़ा रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, परिणाम चाहे जो भी हो, पार्टी लाइन तोड़ने का यह मामला जदयू के आंतरिक अनुशासन पर सवाल खड़े करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब उसी के विधायक का पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ खुला अभियान अनुशासनहीनता की गंभीर मिसाल है। मुख्यधारा की कवरेज 'जश्न की तैयारी' पर केंद्रित है, लेकिन असली सवाल यह है कि जदयू नेतृत्व इस विद्रोह पर चुप क्यों है। 27 अक्टूबर का परिणाम केवल एक सीट का फैसला नहीं — यह बिहार की गठबंधन राजनीति में आंतरिक दरारों की परीक्षा भी है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार एमएलसी चुनाव 2026 के नतीजे कब आएंगे?
बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजे 27 अक्टूबर 2026 को घोषित किए जाएंगे। 23 अक्टूबर को 8 सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है।
अनंत सिंह ने अपनी पार्टी जदयू के प्रत्याशी की जगह किसका समर्थन किया?
जदयू विधायक अनंत सिंह ने पटना स्नातक सीट पर अपनी पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के बजाय जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का खुलकर समर्थन किया और उनके पक्ष में प्रचार भी किया।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मुख्य प्रतिद्वंद्वी कौन हैं?
इस सीट पर एनडीए समर्थित जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार और जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के बीच मुख्य मुकाबला है। अनंत सिंह के समर्थन ने अनुज सिंह की स्थिति को राजनीतिक रूप से चर्चा में ला दिया है।
अनंत सिंह ने नतीजों से पहले जश्न की तैयारी क्यों शुरू की?
अनंत सिंह ने दावा किया कि वे पहले ही चुनाव जीत चुके हैं और जनता पर उन्हें पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जीत के बाद मिठाई बाँटना और मेहमानों के लिए खान-पान की व्यवस्था करना सामान्य परंपरा है।
अनंत सिंह का जदयू प्रत्याशी के विरुद्ध प्रचार करना कितना महत्वपूर्ण है?
यह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि जदयू एनडीए गठबंधन की साझेदार पार्टी है और उसी के विधायक का अपनी पार्टी लाइन से खुला विचलन गठबंधन में अंदरूनी तनाव को दर्शाता है। 27 अक्टूबर का परिणाम इस विद्रोह के राजनीतिक असर को स्पष्ट करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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