पटना स्नातक MLC चुनाव: अनंत सिंह ने जीत का दावा किया, JDU विधायक नीरज कुमार ने विरोधियों को दी कड़ी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
पटना स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के बाद जनता दल (यूनाइटेड) के भीतर सार्वजनिक जुबानी जंग तेज हो गई है। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने 27 अक्टूबर 2026 को होने वाली मतगणना से पहले ही अपने पसंदीदा उम्मीदवार की जीत का दावा कर दिया है, जबकि JDU विधायक नीरज कुमार ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ काम करने वालों को गंभीर राजनीतिक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
मुख्य घटनाक्रम
जनता दल (यूनाइटेड) ने पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, अनंत सिंह ने पार्टी लाइन से हटकर जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह का समर्थन किया। यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर गहरी दरार का संकेत देता है।
मतगणना से पहले ही अनंत सिंह ने दावा किया, 'हम जानते हैं कि हम जीत गए हैं।' उन्होंने कहा कि औपचारिक प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी, लेकिन अंतिम निर्णय मतदाताओं पर निर्भर करता है। उनके समर्थकों ने मिठाई वितरण सहित जश्न की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
नीरज कुमार की चेतावनी
नीरज कुमार ने JDU प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति जनता के स्नेह को 'ऐतिहासिक' बताते हुए पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर भरोसा जताया। साथ ही उन्होंने राजनीति के अपराधीकरण और बाहुबलियों के प्रभाव की कड़ी आलोचना की — जिसे राजनीतिक हलकों में व्यापक रूप से अनंत सिंह की ओर परोक्ष इशारा माना जा रहा है, हालांकि नीरज ने किसी का नाम नहीं लिया।
नीरज ने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने आधिकारिक उम्मीदवार के विरुद्ध प्रचार करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, 'मुझे ठीक-ठीक नहीं पता कि यह कब होगा, लेकिन यह 100 प्रतिशत निश्चित है।'
अनंत सिंह का पलटवार
नीरज कुमार पर पलटवार करते हुए अनंत सिंह ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'नीरज को अब कभी गैस की समस्या नहीं होगी, मैंने सारी गैस निकाल दी है।' यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
JDU द्वारा संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि पार्टी जो उचित समझे वह कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है और उन्हें परिणामों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने जीत के उपलक्ष्य में रसगुल्ले बांटने की घोषणा भी की।
आंतरिक विभाजन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब JDU के भीतर आंतरिक मतभेद सार्वजनिक हुए हों। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से भिन्न गतिविधियां अनुशासन के सवाल उठाती रही हैं। अनंत सिंह का जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन देना पार्टी की एकता के लिए एक खुली चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में JDU राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में जुटी है। पार्टी के भीतर प्रतिस्पर्धी निष्ठाओं का यह खुला प्रदर्शन आगामी दिनों में अनुशासन समिति के सामने बड़ी परीक्षा खड़ी कर सकता है।
क्या होगा आगे
27 अक्टूबर 2026 को होने वाली मतगणना के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किसका दावा सही साबित होता है। परिणाम के बाद JDU के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। इस पूरे घटनाक्रम ने पटना स्नातक सीट को बिहार की राजनीति में अप्रत्याशित रूप से चर्चित बना दिया है।