बिहार विधान परिषद चुनाव: अनंत सिंह ने जदयू को दरकिनार कर जन सुराज के अनुज सिंह का किया समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
मोकामा से जनता दल (यूनाइटेड) विधायक अनंत सिंह ने बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी को नज़रअंदाज़ करते हुए जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह के पक्ष में खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। 1 अक्टूबर 2026 को अनुज सिंह के नामांकन के अवसर पर अनंत सिंह उनके साथ उपस्थित हुए, उन्हें माला पहनाई और समर्थकों के बीच गमछा लहराते हुए जीत का दावा ठोका।
अनंत सिंह का खुला विद्रोह
राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जदयू ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। ऐसे में अनंत सिंह का पार्टी लाइन से हटकर जन सुराज के उम्मीदवार के साथ खड़े होना राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया है।
मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि वे शुरू से ही अनुज सिंह के साथ हैं। उन्होंने कहा, 'यह पार्टी-पावर का चुनाव नहीं है। पार्टी के चुनाव में सिंबल महत्वपूर्ण होता है, लेकिन यहाँ जनता ही फ़ैसला करती है।' उन्होंने दृढ़तापूर्वक जोड़ा, 'हमारा कैंडिडेट जीतेगा और बाकी सब कैंडिडेट हारेंगे।'
अनंत सिंह के तर्क और मुद्दे
अनंत सिंह ने कहा कि वे अनुज सिंह के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे, हालाँकि अंतिम निर्णय मतदाताओं के हाथ में है। युवा मतदाताओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि जनता का साथ मिलने पर ही कोई चुनाव जीत सकता है।
चुनावी आरोप-प्रत्यारोप के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने अपने विशिष्ट अंदाज़ में कहा कि जब भगवान पर भी आरोप लगते हैं तो इंसान की क्या बिसात — वे इन बातों पर ध्यान न देकर जनता के बीच जाकर समर्थन जुटाएंगे। नामांकन के दौरान उन्होंने घोषणा की, 'यह जंग की तैयारी है और हरदम तैयार रहना चाहिए।'
पटना स्नातक सीट पर राजनीतिक समीकरण
इस निर्वाचन क्षेत्र में एक ओर जदयू के नीरज कुमार मौजूदा एमएलसी की हैसियत से मैदान में हैं, वहीं दूसरी ओर जन सुराज के अनुज सिंह चुनौती पेश कर रहे हैं। अनंत सिंह की उपस्थिति और खुले समर्थन ने इस सीट के समीकरण को पहले से कहीं अधिक पेचीदा बना दिया है।
गौरतलब है कि जन सुराज ने बिहार विधान परिषद की आठों शिक्षक एवं स्नातक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जो संगठन के तौर पर उसके विस्तार को दर्शाता है।
मतदान और मतगणना की तारीखें
बिहार विधान परिषद की आठ शिक्षक और स्नातक सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा और 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना निर्धारित है। इन सीटों पर मतदाता मुख्यतः शिक्षक वर्ग और स्नातक उत्तीर्ण नागरिक हैं, जिनसे पारंपरिक रूप से सुशिक्षित और सुविचारित जनाधार की अपेक्षा रहती है।
अनंत सिंह के इस रुख से यह तय है कि आने वाले हफ्तों में पटना स्नातक सीट न केवल चुनावी बल्कि पार्टी-अनुशासन की दृष्टि से भी चर्चा में बनी रहेगी।