बिहार MLC चुनाव: JDU विधायक अनंत सिंह का नीरज कुमार को हराने का खुला ऐलान, पटना ग्रेजुएट सीट पर घमासान
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक अनंत सिंह ने 18 सितंबर 2026 को खुलेआम घोषणा की कि वे पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के आगामी बिहार विधान परिषद चुनाव में अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार को हराने के लिए पूरी राजनीतिक ताकत झोंक देंगे। इस विद्रोही रुख ने पटना ग्रेजुएट सीट पर पहले से गर्म चुनावी मुकाबले को और पेचीदा बना दिया है।
अनंत सिंह का तर्क: पार्टी लाइन का उल्लंघन नहीं
पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अनंत सिंह ने सफाई दी कि उनका विरोध JDU के खिलाफ नहीं है, क्योंकि विधान परिषद के चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते। उनके अनुसार यह व्यक्तिगत जवाबदेही का मामला है, न कि दलीय अनुशासन का उल्लंघन।
उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने उन चारों विधानसभा चुनावों में उनके विरुद्ध काम किया जिनमें अनंत सिंह चुनावी मैदान में उतरे थे। सिंह ने दावा किया कि कुमार के विरोध के कारण ही उन्हें 2015 का विधानसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ना पड़ा था। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
ललन सिंह को कमजोर करने का आरोप
अनंत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने JDU के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को कमजोर करने की कोशिश की थी। उनके अनुसार जब भी पार्टी ने ललन सिंह को चुनावी टिकट दिया, नीरज कुमार ने उनकी आलोचना की।
सिंह ने कहा कि उन्होंने कई बार कुमार से इस बारे में बात की, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने नीरज कुमार पर यह भी आरोप लगाया — जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है — कि उनके आवास पर AK-47 रखे जाने के कथित मामले में कुमार की भूमिका थी, जिसके कारण अनंत सिंह को गिरफ्तार होकर जेल जाना पड़ा था। नीरज कुमार ने इन आरोपों पर अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से नहीं रखा है।
अनुज कुमार सिंह को समर्थन, नार्को टेस्ट की चुनौती
अनंत सिंह ने बेधना गाँव के दौरे के दौरान अपने सहयोगी अनुज कुमार सिंह को खुला समर्थन देने की घोषणा की, जो पटना ग्रेजुएट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी में बताए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता अनुज सिंह का समर्थन करेंगे।
इसके अलावा, सिंह ने नीरज कुमार को नार्को-एनालिसिस टेस्ट कराने की सार्वजनिक चुनौती भी दी — राजनीतिक टकराव में असाधारण रूप से तीखा कदम।
JDU की सुलह कोशिश और नीरज कुमार का पक्ष
इस विवाद के बाद निशांत कुमार के नेतृत्व में JDU ने दोनों नेताओं के बीच सुलह कराने के लिए एक बैठक बुलाई। उस बैठक के बाद अनंत सिंह ने मीडिया से कोई बात नहीं की। पार्टी ने दावा किया कि दोनों नेताओं के बीच मेल-मिलाप हो गया है, हालाँकि सिंह के पूर्व बयानों को देखते हुए यह दावा अनिश्चित बना हुआ है।
दूसरी तरफ, JDU के मौजूदा MLC नीरज कुमार ने कहा कि पार्टी ने उन्हें पटना ग्रेजुएट सीट के लिए अभी तक आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। अनुज सिंह की निर्दलीय चुनौती के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि संगठनात्मक ताकत और पोलिंग एजेंटों की तैनाती जैसे कारक चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
बहुकोणीय मुकाबला: RJD और जन सुराज भी मैदान में
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है और जन सुराज पार्टी भी पटना ग्रेजुएट सीट पर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है। JDU के उम्मीदवार को लेकर जारी अनिश्चितता और अनुज सिंह के लिए अनंत सिंह के खुले समर्थन ने इस मुकाबले को पूरी तरह अप्रत्याशित बना दिया है। गौरतलब है कि पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र परंपरागत रूप से बिहार के पढ़े-लिखे शहरी मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ व्यक्तित्व-आधारित राजनीति का खासा असर रहा है।
आने वाले दिनों में JDU का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि अनंत सिंह का विद्रोह केवल बयानबाजी है या वास्तविक चुनावी चुनौती।