18 सितंबर 2026
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बिहार MLC चुनाव: JDU विधायक अनंत सिंह का नीरज कुमार को हराने का खुला ऐलान, पटना ग्रेजुएट सीट पर घमासान

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बिहार MLC चुनाव: JDU विधायक अनंत सिंह का नीरज कुमार को हराने का खुला ऐलान, पटना ग्रेजुएट सीट पर घमासान

सारांश

JDU के भीतर खुला विद्रोह — अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के नेता नीरज कुमार को पटना ग्रेजुएट MLC सीट पर हराने की कसम खाई, निर्दलीय अनुज सिंह को समर्थन दिया और नार्को टेस्ट की चुनौती दी। RJD और जन सुराज के मैदान में आने से यह सीट बिहार की सबसे दिलचस्प लड़ाइयों में से एक बन गई है।

मुख्य बातें

JDU विधायक अनंत सिंह ने 18 सितंबर 2026 को खुलेआम घोषणा की कि वे पटना ग्रेजुएट MLC सीट पर नीरज कुमार को हराने के लिए काम करेंगे।
सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह को अपना समर्थन दिया और नीरज कुमार को नार्को-एनालिसिस टेस्ट की चुनौती दी।
सिंह ने आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने चार विधानसभा चुनावों में उनके खिलाफ काम किया और ललन सिंह को कमजोर करने की कोशिश की — ये आरोप स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं।
निशांत कुमार के नेतृत्व में JDU ने सुलह बैठक बुलाई; पार्टी ने मेल-मिलाप का दावा किया, लेकिन अनंत सिंह ने बैठक के बाद मीडिया से बात नहीं की।
JDU के नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने उन्हें अभी आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
RJD और जन सुराज के मैदान में उतरने से पटना ग्रेजुएट सीट पर बहुकोणीय मुकाबला तय है।

जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक अनंत सिंह ने 18 सितंबर 2026 को खुलेआम घोषणा की कि वे पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के आगामी बिहार विधान परिषद चुनाव में अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार को हराने के लिए पूरी राजनीतिक ताकत झोंक देंगे। इस विद्रोही रुख ने पटना ग्रेजुएट सीट पर पहले से गर्म चुनावी मुकाबले को और पेचीदा बना दिया है।

अनंत सिंह का तर्क: पार्टी लाइन का उल्लंघन नहीं

पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अनंत सिंह ने सफाई दी कि उनका विरोध JDU के खिलाफ नहीं है, क्योंकि विधान परिषद के चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते। उनके अनुसार यह व्यक्तिगत जवाबदेही का मामला है, न कि दलीय अनुशासन का उल्लंघन।

उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने उन चारों विधानसभा चुनावों में उनके विरुद्ध काम किया जिनमें अनंत सिंह चुनावी मैदान में उतरे थे। सिंह ने दावा किया कि कुमार के विरोध के कारण ही उन्हें 2015 का विधानसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ना पड़ा था। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।

ललन सिंह को कमजोर करने का आरोप

अनंत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने JDU के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को कमजोर करने की कोशिश की थी। उनके अनुसार जब भी पार्टी ने ललन सिंह को चुनावी टिकट दिया, नीरज कुमार ने उनकी आलोचना की।

सिंह ने कहा कि उन्होंने कई बार कुमार से इस बारे में बात की, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने नीरज कुमार पर यह भी आरोप लगाया — जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है — कि उनके आवास पर AK-47 रखे जाने के कथित मामले में कुमार की भूमिका थी, जिसके कारण अनंत सिंह को गिरफ्तार होकर जेल जाना पड़ा था। नीरज कुमार ने इन आरोपों पर अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से नहीं रखा है।

अनुज कुमार सिंह को समर्थन, नार्को टेस्ट की चुनौती

अनंत सिंह ने बेधना गाँव के दौरे के दौरान अपने सहयोगी अनुज कुमार सिंह को खुला समर्थन देने की घोषणा की, जो पटना ग्रेजुएट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी में बताए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता अनुज सिंह का समर्थन करेंगे।

इसके अलावा, सिंह ने नीरज कुमार को नार्को-एनालिसिस टेस्ट कराने की सार्वजनिक चुनौती भी दी — राजनीतिक टकराव में असाधारण रूप से तीखा कदम।

JDU की सुलह कोशिश और नीरज कुमार का पक्ष

इस विवाद के बाद निशांत कुमार के नेतृत्व में JDU ने दोनों नेताओं के बीच सुलह कराने के लिए एक बैठक बुलाई। उस बैठक के बाद अनंत सिंह ने मीडिया से कोई बात नहीं की। पार्टी ने दावा किया कि दोनों नेताओं के बीच मेल-मिलाप हो गया है, हालाँकि सिंह के पूर्व बयानों को देखते हुए यह दावा अनिश्चित बना हुआ है।

दूसरी तरफ, JDU के मौजूदा MLC नीरज कुमार ने कहा कि पार्टी ने उन्हें पटना ग्रेजुएट सीट के लिए अभी तक आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। अनुज सिंह की निर्दलीय चुनौती के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि संगठनात्मक ताकत और पोलिंग एजेंटों की तैनाती जैसे कारक चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

बहुकोणीय मुकाबला: RJD और जन सुराज भी मैदान में

यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है और जन सुराज पार्टी भी पटना ग्रेजुएट सीट पर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है। JDU के उम्मीदवार को लेकर जारी अनिश्चितता और अनुज सिंह के लिए अनंत सिंह के खुले समर्थन ने इस मुकाबले को पूरी तरह अप्रत्याशित बना दिया है। गौरतलब है कि पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र परंपरागत रूप से बिहार के पढ़े-लिखे शहरी मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करता है, जहाँ व्यक्तित्व-आधारित राजनीति का खासा असर रहा है।

आने वाले दिनों में JDU का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि अनंत सिंह का विद्रोह केवल बयानबाजी है या वास्तविक चुनावी चुनौती।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वर्षों की व्यक्तिगत शिकायतों का संचित विस्फोट है। पार्टी का 'सुलह हो गई' वाला दावा तब तक अधूरा लगता है जब तक अनंत सिंह सार्वजनिक रूप से अनुज सिंह के समर्थन से हाथ न खींच लें। असली सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस विद्रोह को अनुशासनात्मक कार्रवाई के बिना पचा पाएंगे — क्योंकि अनंत सिंह मोकामा जैसे प्रभावशाली क्षेत्र में जमीनी पकड़ रखते हैं और उनके खिलाफ कोई भी कदम उलटा पड़ सकता है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद क्या है?
JDU विधायक अनंत सिंह ने आरोप लगाया है कि नीरज कुमार ने उनके चार विधानसभा चुनावों में उनके विरुद्ध काम किया और ललन सिंह को कमजोर करने की कोशिश की। इसी वजह से सिंह ने पटना ग्रेजुएट MLC सीट पर नीरज कुमार को हराने की खुली घोषणा की है। ये आरोप अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं।
पटना ग्रेजुएट MLC चुनाव में मुख्य उम्मीदवार कौन हैं?
JDU के मौजूदा MLC नीरज कुमार संभावित उम्मीदवार हैं, हालाँकि पार्टी ने आधिकारिक घोषणा नहीं की है। अनंत सिंह के समर्थन वाले अनुज कुमार सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। इसके अलावा RJD और जन सुराज ने भी इस सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
क्या अनंत सिंह का यह कदम JDU के खिलाफ माना जाएगा?
अनंत सिंह का तर्क है कि विधान परिषद चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते, इसलिए यह पार्टी लाइन का उल्लंघन नहीं है। हालाँकि JDU नेतृत्व ने सुलह बैठक बुलाकर संकेत दिया है कि पार्टी इसे आंतरिक अनुशासन का मामला मानती है।
JDU की सुलह कोशिश का क्या परिणाम रहा?
निशांत कुमार के नेतृत्व में बुलाई गई JDU बैठक के बाद पार्टी ने दावा किया कि अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच सुलह हो गई है। लेकिन उस बैठक के बाद अनंत सिंह ने मीडिया से बात नहीं की, जिससे यह अनिश्चितता बनी हुई है।
अनंत सिंह ने नीरज कुमार को नार्को टेस्ट की चुनौती क्यों दी?
अनंत सिंह ने आरोप लगाया — जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है — कि उनके आवास पर AK-47 रखे जाने के कथित मामले में नीरज कुमार की भूमिका थी, जिसके कारण उन्हें गिरफ्तारी और जेल का सामना करना पड़ा। इस दावे की सच्चाई जाँचने के लिए उन्होंने नार्को-एनालिसिस टेस्ट की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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