अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में मिली जमानत: पटना हाईकोर्ट का निर्णय
सारांश
Key Takeaways
- अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली।
- दुलारचंद यादव की हत्या में उन्हें आरोपी बनाया गया था।
- उन्होंने कहा कि उनके बच्चे राजनीति में सक्रिय रहेंगे।
- राज्यसभा चुनाव में उन्होंने जेल से आकर वोट दिया।
- उनका राजनीतिक भविष्य अब उनके बड़े बेटे पर निर्भर करेगा।
पटना, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मोकामा के प्रभावशाली विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में गुरुवार को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। अदालती प्रक्रिया के बाद विधायक अनंत सिंह जेल से बाहर आ जाएंगे। राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने जेल से आकर वोट दिया था और कहा था कि वे जल्द ही जेल से रिहा होंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब वे स्वयं चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि उनके बच्चे राजनीति में सक्रिय रहेंगे।
वर्तमान में अनंत सिंह पटना की बेऊर जेल में बंद हैं। अक्टूबर 2025 में चुनाव प्रचार के दौरान जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी, जिसमें अनंत सिंह को आरोपी ठहराया गया था। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया और जेल में रहते हुए भी चुनाव लड़ा और विजयी हुए। हालांकि, निचली अदालतों से उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहाँ उनकी जमानत मंजूर कर ली गई।
16 मार्च 2026 को बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें अनंत सिंह ने जेल से आकर जदयू के उम्मीदवार नीतीश कुमार को वोट दिया था। मतदान के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि अब वे आगे कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे और उनके बड़े बेटे राजनीति में उनकी जिम्मेदारियाँ संभालेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे जल्द ही जेल से बाहर आएंगे।
राज्यसभा चुनाव से पूर्व भी अनंत सिंह जेल से बाहर आए थे। बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। पटना सिविल कोर्ट ने उन्हें विधानसभा में शपथ लेने की अनुमति दी थी।