अनंत सिंह के भतीजों को पटना हाई कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत, दुलारचंद यादव हत्या मामले में नया मोड़
सारांश
Key Takeaways
- पटना हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत दी है।
- मामला दुलारचंद यादव की हत्या से जुड़ा है।
- हिंसक झड़प के दौरान हुई थी यह घटना।
- अनंत सिंह को पहले गिरफ्तार किया गया था।
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने नए तथ्य उजागर किए हैं।
पटना, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पटना हाई कोर्ट ने मंगलवार को दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह के भतीजों धर्मवीर सिंह और कर्मवीर सिंह को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया।
जस्टिस प्रभात कुमार सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत मंजूर की।
वकील नरेश दीक्षित ने आरोपियों का प्रतिनिधित्व किया और अदालत में उनकी स्थिति प्रस्तुत की। दूसरी ओर, अतिरिक्त लोक अभियोजक सत्येंद्र सिंह ने राज्य सरकार की ओर से दलीलें दीं। दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर, अदालत ने आरोपियों को अग्रिम जमानत देने का निर्णय लिया। घटना के बाद से ही आरोपी फरार थे।
यह मामला बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान जन सुराज पार्टी के एक उम्मीदवार के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या से संबंधित है। यह घटना 30 अक्टूबर 2025 को पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल के बसावनचक गांव में हुई थी।
मोकामा से जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच गंभीर झड़प हुई थी, जिसमें dularchand yadav की जान चली गई।
धर्मवीर सिंह और कर्मवीर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने झड़प के दौरान dularchand yadav को उनकी गाड़ी से जबरन बाहर खींच लिया था। पीड़ित के परिवार का आरोप है कि आरोपियों और उनके साथियों ने जानबूझकर उन्हें गाड़ी से कुचला और गोली मारी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने से नहीं हुई, बल्कि इसका कारण कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेलियर बताया गया है। शरीर पर लगी चोटें किसी भारी वाहन से टक्कर के कारण थीं। इस मामले में अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें पटना की बेउर सेंट्रल जेल में रखा गया था।
इस मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने पहले अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन बाद में पटना हाई कोर्ट ने 19 मार्च को उन्हें जमानत दी और 23 मार्च को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया था।