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क्या पूर्व विधायक अनंत सिंह को पटना उच्च न्यायालय से मिली जमानत?

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क्या पूर्व विधायक अनंत सिंह को पटना उच्च न्यायालय से मिली जमानत?

सारांश

पटना उच्च न्यायालय ने पूर्व विधायक अनंत सिंह को जमानत दे दी है। जानिए इस मामले के पीछे की पूरी कहानी और अनंत सिंह के समर्थकों की प्रतिक्रिया। क्या यह उनके राजनीतिक भविष्य को प्रभावित करेगा?

मुख्य बातें

अनंत सिंह को पटना उच्च न्यायालय से जमानत मिली।
मामला सोनू-मोनू फायरिंग से जुड़ा है।
उन्हें जेल से रिहा होने की संभावनाएं हैं।
आगे बिहार विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
अनंत सिंह ने लगातार खुद को निर्दोष बताया है।

पटना, 5 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मोकामा क्षेत्र के पूर्व विधायक अनंत सिंह को मंगलवार को पटना उच्च न्यायालय से महत्वपूर्ण राहत मिली। मोकामा के विवादास्पद सोनू-मोनू फायरिंग मामले में, न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी है। अब पूर्व विधायक के जेल से बाहर आने का रास्ता खुल गया है।

'छोटे सरकार' के नाम से प्रसिद्ध पूर्व विधायक वर्तमान में जेल में बंद हैं। यह मामला इस वर्ष 22 जनवरी को मोकामा के नौरंगा जलालपुर गांव में घटित हुआ था, जहां अनंत सिंह और उनके साथियों पर फायरिंग का आरोप लगा था।

इस मामले में निचली अदालत ने अनंत सिंह की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने पटना उच्च न्यायालय का रुख किया। जमानत मिलने के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है।

विशेष रूप से, इस वर्ष बिहार विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। बताया जा रहा है कि कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद अनंत सिंह अगले एक-दो दिनों में जेल से रिहा हो सकते हैं। यह मामला मोकामा के नौरंगा जलालपुर गांव में हुई गोलीबारी से जुड़ा है।

आरोप है कि सोनू-मोनू गैंग ने गांव के एक परिवार को उनके घर से बाहर निकालकर ताला जड़ दिया था। जब अनंत सिंह को यह जानकारी मिली, तो उन्होंने हस्तक्षेप किया। आरोप है कि जब वे गैंग के गांव पहुंचे, तो उनके और उनके समर्थकों पर गैंग ने कई राउंड फायरिंग की। जवाब में अनंत सिंह के लोगों ने भी गोलीबारी की। इस मामले में पंचमहला थाना में कांड संख्या 5/2025 दर्ज किया गया है, जिसमें अनंत सिंह पर गंभीर आरोप हैं।

इस मामले में हत्या की साजिश और आपराधिक षड्यंत्र जैसी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि, अनंत सिंह लगातार अपने को निर्दोष बताते रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला न केवल एक व्यक्ति की स्वतंत्रता का सवाल है, बल्कि यह बिहार की राजनीतिक स्थिति पर भी गहरा असर डाल सकता है। हमें हमेशा न्याय और निष्पक्षता के पक्ष में खड़ा होना चाहिए।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंत सिंह को जमानत क्यों मिली?
पटना उच्च न्यायालय ने उनके मामले की सुनवाई के बाद उन्हें जमानत दी, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
सोनू-मोनू फायरिंग मामला क्या है?
यह मामला मोकामा के नौरंगा जलालपुर गांव में गोलीबारी की घटना से संबंधित है, जिसमें अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर आरोप लगे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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