23 अक्टूबर 2026
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पटना स्नातक सीट पर मतदान जारी: नीरज कुमार ने दिखाया विक्ट्री साइन, अनंत सिंह बोले — 'रसगुल्ला वाला चुनाव नहीं'

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पटना स्नातक सीट पर मतदान जारी: नीरज कुमार ने दिखाया विक्ट्री साइन, अनंत सिंह बोले — 'रसगुल्ला वाला चुनाव नहीं'

सारांश

पटना स्नातक सीट पर मतदान के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई — जदयू के नीरज कुमार का विक्ट्री साइन और विधायक अनंत सिंह का 'रसगुल्ला वाला चुनाव नहीं' वाला बयान इस सीट की सियासी पेचीदगी को उजागर करता है, जहाँ एनडीए और जन सुराज आमने-सामने हैं।

मुख्य बातें

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर 2026 को सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हुआ।
एनडीए समर्थित जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने मीडिया के सामने विक्ट्री साइन दिखाया।
जदयू विधायक अनंत सिंह ने जन सुराज के अनुज सिंह की 'पूर्ण बहुमत से जीत' का दावा किया।
अनंत सिंह ने कहा, 'यह रसगुल्ला वाला चुनाव नहीं है — जीत जनता के पास है।' जदयू के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने बीमारी के बावजूद नीरज कुमार के समर्थन में वीडियो जारी किया।
तीन ज़िलों से लगभग 600 मतदाता इस सीट पर मतदान के लिए आते हैं।

बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट पर शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हो गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) समर्थित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रत्याशी नीरज कुमार ने मीडिया के सामने विक्ट्री साइन दिखाकर जीत का भरोसा जताया। वहीं, मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह की जीत का दावा करते हुए कहा कि यह 'रसगुल्ला वाला चुनाव नहीं है।'

मतदान केंद्रों पर माहौल

पटना स्नातक सीट पर मतदान शुरू होते ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गईं। एनडीए के प्रत्याशी नीरज कुमार शुक्रवार सुबह अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से मिले और विक्ट्री साइन दिखाते हुए जीत का आत्मविश्वास प्रकट किया। इस सीट पर नीरज कुमार और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के बीच मुख्य मुकाबला है, और दोनों खेमों की दावेदारी जोर-शोर से सामने आ रही है।

अनंत सिंह का बयान — 'रसगुल्ला वाला चुनाव नहीं'

जदयू विधायक अनंत सिंह ने चुनाव प्रचार और मतदाताओं को लुभाने के तरीकों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, 'यह रसगुल्ला वाला चुनाव नहीं है। जनता मालिक है, भगवान है, और हमारी जीत होगी। जीत किसी दुकान में नहीं मिलती, वह जनता के पास है।' उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी की किसी भी आशंका को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता स्वयं किसी अनुचित प्रयास का जवाब देंगे और कहीं भी तनाव का माहौल नहीं है।

रसगुल्ले वाली टिप्पणी के संदर्भ में अनंत सिंह ने स्पष्ट किया कि तीन ज़िलों से करीब 600 मतदाता आते हैं, जिनके लिए वाहन का किराया और लंबी दूरी तय करना ज़रूरी होता है — इस पृष्ठभूमि में रसगुल्ले को मतदाताओं को लालच देने के साधन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका ज़ोर इस बात पर रहा कि चुनाव जनसमर्थन से जीता जाता है, न कि किसी प्रलोभन से।

वशिष्ठ नारायण सिंह की अपील पर प्रतिक्रिया

जदयू के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह द्वारा नीरज कुमार के समर्थन में वीडियो जारी करने के प्रश्न पर अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने मोबाइल पर देखा कि वशिष्ठ नारायण सिंह बीमार हैं और उन्होंने लोगों से नीरज कुमार को वोट देने की अपील की है। उन्होंने यह भी जोड़ा, 'वशिष्ठ नारायण सिंह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उनकी बात पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है।' इसके बावजूद अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह की 'पूर्ण बहुमत से जीत' का दावा दोहराया।

मुख्य प्रत्याशी और राजनीतिक समीकरण

गौरतलब है कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए ने जदयू के नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर, जन सुराज के अनुज सिंह को अनंत सिंह का समर्थन प्राप्त है, जो स्वयं जदयू विधायक हैं — यह राजनीतिक समीकरण इस चुनाव को और जटिल बनाता है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी ज़मीन मज़बूत करने में लगे हैं।

आगे क्या

मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना के नतीजे ही यह तय करेंगे कि नीरज कुमार का विक्ट्री साइन सच साबित होता है या अनंत सिंह का अनुज सिंह के लिए किया गया दावा। राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों की निगाहें अब परिणाम पर टिकी हैं। यह सीट बिहार में एनडीए और जन सुराज की ज़मीनी ताकत को परखने की कसौटी भी मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह बिहार की ज़मीनी चुनावी राजनीति की एक गहरी परत उघाड़ता है — जहाँ दूरदराज़ के मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने की 'व्यवस्था' और उसकी नैतिकता पर सवाल हमेशा से उठते रहे हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि अनंत सिंह स्वयं जदयू विधायक हैं, फिर भी वे जन सुराज प्रत्याशी का समर्थन कर रहे हैं — यह दरार पार्टी की आंतरिक एकता के बारे में सवाल खड़े करती है। स्नातक सीट के नतीजे अक्सर राज्य में बौद्धिक और शिक्षित मतदाताओं की नब्ज़ को दर्शाते हैं, इसलिए इस सीट का महत्व प्रतीकात्मक भी है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान कब और कैसे हो रहा है?
23 अक्टूबर 2026 को सुबह आठ बजे से पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान शुरू हुआ। मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात है और मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
पटना स्नातक सीट पर मुख्य उम्मीदवार कौन हैं?
इस सीट पर एनडीए समर्थित जदयू के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच मुख्य मुकाबला है। अनुज सिंह को जदयू विधायक अनंत सिंह का समर्थन प्राप्त है।
अनंत सिंह के 'रसगुल्ला वाला चुनाव नहीं' कहने का क्या मतलब है?
अनंत सिंह ने यह बयान देते हुए यह संकेत दिया कि यह चुनाव प्रलोभन से नहीं बल्कि जनसमर्थन से जीता जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तीन ज़िलों से करीब 600 मतदाता आते हैं, जिनके लिए वाहन किराया और दूरी एक वास्तविकता है।
वशिष्ठ नारायण सिंह का इस चुनाव में क्या रोल है?
जदयू के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने बीमारी के बावजूद एनडीए प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन में एक वीडियो जारी किया और लोगों से उन्हें वोट देने की अपील की। अनंत सिंह ने इस पर टिप्पणी करने से परहेज़ किया।
इस सीट के नतीजे का बिहार की राजनीति पर क्या असर होगा?
पटना स्नातक सीट का नतीजा बिहार में एनडीए और जन सुराज की ज़मीनी ताकत को परखने की कसौटी माना जा रहा है। यह सीट शिक्षित मतदाताओं के रुझान को भी दर्शाती है, जो राज्य की राजनीतिक दिशा के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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