28 अक्टूबर 2026
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पटना स्नातक सीट: मतगणना के बीच अनंत सिंह का फिर दावा — अनुज सिंह जीतेंगे, आवास खाली करने को भी तैयार

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पटना स्नातक सीट: मतगणना के बीच अनंत सिंह का फिर दावा — अनुज सिंह जीतेंगे, आवास खाली करने को भी तैयार

सारांश

नतीजों से पहले ही मिठाई और जीत के दावे — मोकामा विधायक अनंत सिंह का यह 'विद्रोही दांव' बिहार की राजनीति में नया मोड़ बन चुका है। जदयू से 6 साल का निष्कासन, सरकारी आवास छोड़ने का नोटिस — फिर भी अनंत सिंह अडिग हैं। असली फैसला मतगणना के अंतिम नतीजे करेंगे।

मुख्य बातें

मोकामा विधायक अनंत सिंह ने 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना के दौरान जन सुराज समर्थित अनुज सिंह की जीत का दावा दोहराया।
मतगणना के रुझानों में जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार आगे चल रहे थे, इसके बावजूद अनंत सिंह अपने दावे पर कायम रहे।
पार्टी-विरोधी प्रचार के कारण जदयू ने अनंत सिंह को 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।
अनंत सिंह को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिला; उन्होंने कहा — एक महीने में आवास खाली कर देंगे।
नई पार्टी बनाने के सवाल पर अनंत सिंह ने कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की।

मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने 27 अक्टूबर 2026 को, बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना जारी रहने के दौरान, एक बार फिर जन सुराज समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह की जीत का दावा दोहराया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि दुनिया जो भी कहे, उन्हें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता — जो वह कह रहे हैं, वही अंतिम सत्य है। यह ऐसे समय में आया जब मतगणना के रुझानों में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रत्याशी नीरज कुमार आगे चल रहे थे।

मतगणना का मुकाबला और दावों की जंग

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के नीरज कुमार और जन सुराज समर्थित अनुज सिंह के बीच कड़ा मुकाबला बताया जा रहा है। रुझानों में नीरज कुमार की बढ़त के बावजूद अनंत सिंह अपने रुख पर कायम रहे और मीडिया से कहा, 'जो हमने कहा है, वही बात होगी।' इस बीच, परिणाम घोषित होने से पहले ही अनंत सिंह के आवास पर मिठाई बाँटे जाने की खबरें भी सामने आईं, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।

जदयू से निष्कासन की पृष्ठभूमि

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए हुए चुनाव में अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी जदयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए जन सुराज समर्थित अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया। पार्टी विरोधी इस गतिविधि को गंभीरता से लेते हुए जदयू ने अनंत सिंह को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। गौरतलब है कि अनंत सिंह बिहार की राजनीति में अपनी मुखर शैली और विवादों के कारण लंबे समय से चर्चित रहे हैं।

सरकारी आवास खाली करने का नोटिस

पार्टी निष्कासन के साथ-साथ अनंत सिंह को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस भी जारी किया गया है। इस पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने शांत भाव से कहा, 'कोई परेशानी हमको नहीं है। आवास खाली कराने का भी लेटर जारी किया गया है, खाली कर देंगे।' उन्होंने बताया कि आवास खाली करने के लिए उन्हें एक महीने का समय दिया गया है। उन्होंने कहा, 'जनता मालिक है, भगवान है। एक महीना मिला है।'

नई पार्टी पर चुप्पी, राजनीतिक भविष्य अनिश्चित

नई राजनीतिक पार्टी बनाने की संभावनाओं से जुड़े सवाल पर अनंत सिंह ने कोई स्पष्ट घोषणा करने से परहेज किया। उन्होंने केवल इतना कहा कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह उसके लिए तैयार हैं। जदयू से बाहर होने के बाद उनका राजनीतिक अगला कदम क्या होगा, यह अभी अनिश्चित है। फिलहाल, पटना स्नातक सीट की मतगणना और उसके अंतिम नतीजे ही यह तय करेंगे कि अनंत सिंह का यह 'विद्रोही दांव' राजनीतिक फायदे में बदलेगा या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

अनंत सिंह का राजनीतिक पुनर्वास किस रास्ते से होगा — जन सुराज के साथ, या किसी नई पार्टी के झंडे तले।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मुख्य मुकाबला किनके बीच है?
इस सीट पर जदयू के प्रत्याशी नीरज कुमार और जन सुराज समर्थित अनुज सिंह के बीच मुख्य मुकाबला बताया जा रहा है। मतगणना के रुझानों में नीरज कुमार आगे चल रहे थे।
अनंत सिंह को जदयू से क्यों निष्कासित किया गया?
अनंत सिंह ने बिहार विधान परिषद चुनाव में अपनी ही पार्टी जदयू के उम्मीदवार नीरज कुमार के विरुद्ध जन सुराज समर्थित अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया। पार्टी विरोधी इस गतिविधि के चलते जदयू ने उन्हें 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।
सरकारी आवास खाली करने के नोटिस पर अनंत सिंह ने क्या कहा?
अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें कोई परेशानी नहीं है और आवास खाली करने के लिए एक महीने का समय मिला है, जिसमें वह आवास खाली कर देंगे। उन्होंने कहा, 'जनता मालिक है, भगवान है।'
अनंत सिंह की नई पार्टी बनाने की क्या योजना है?
नई पार्टी बनाने से जुड़े सवाल पर अनंत सिंह ने 27 अक्टूबर 2026 तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की। उन्होंने केवल इतना कहा कि पार्टी जो भी निर्णय लेगी, वह उसके लिए तैयार हैं।
बिहार विधान परिषद के इस चुनाव में कितनी सीटों पर मतदान हुआ?
बिहार विधान परिषद की कुल 8 सीटों के लिए चुनाव हुए, जिनमें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सबसे चर्चित रहा। इस सीट पर अनंत सिंह के जदयू-विरोधी रुख के कारण राजनीतिक दिलचस्पी बढ़ गई।
राष्ट्र प्रेस
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